दया धर्म को ना छोड़िए जब तक चले सांस,
पाप की गठरी पर ना करो कभी तुम आस।
बुरा किसी का कभी ना करो जब तक रहें जान,
धर्म पर चलने वालों का कुछ नहीं बिगड़ता रखो विश्वास।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
दया धर्म को ना छोड़िए जब तक चले सांस,
पाप की गठरी पर ना करो कभी तुम आस।
बुरा किसी का कभी ना करो जब तक रहें जान,
धर्म पर चलने वालों का कुछ नहीं बिगड़ता रखो विश्वास।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी