तुम जो पड़े हो पीछे,
चेहरे की सुंदरता के ,
वो अक्सर वक्त के बाद ढल जाती है,
जाओ कभी अंदरूनी सौंदर्य के पीछे
वो शाश्वत है हमेशा के लिए।
तुम जो पड़े हो पीछे,
चेहरे की सुंदरता के ,
वो अक्सर वक्त के बाद ढल जाती है,
जाओ कभी अंदरूनी सौंदर्य के पीछे
वो शाश्वत है हमेशा के लिए।