दिल और दिमाग के बीच सन्तुलन बैठाना मुश्किल था,
पहली बार देखा था उसे अमलन छुपाना मुश्किल था,
अकेले ही काटी थी यूँही राहों पर उम्र भर जो जिंदगी,
मिला जो उनसे तो ठहरी अंजुमन लगाना मुश्किल था।।
राही अंजाना
अंजुमन – सभा
अमलन – सच में

दिल और दिमाग के बीच सन्तुलन बैठाना मुश्किल था,
पहली बार देखा था उसे अमलन छुपाना मुश्किल था,
अकेले ही काटी थी यूँही राहों पर उम्र भर जो जिंदगी,
मिला जो उनसे तो ठहरी अंजुमन लगाना मुश्किल था।।
राही अंजाना
अंजुमन – सभा
अमलन – सच में