सपने देखा करो ओह यारों
सपने साकार भी होते हैं।
आज हम जिस मंजिल पर हैं
कईओ के ख़्वाब ही होते हैं।
बैठे बिठाए नहीं मिलती मंजिल
मेहनत करने वाले ही कामयाब होते हैं।
उनके सपने सिर्फ सपने ही रहेंगे
जो सपनों के नाम पर सोते हैं।
सपने देखा करो ओह यारों
सपने साकार भी होते हैं।
आज हम जिस मंजिल पर हैं
कईओ के ख़्वाब ही होते हैं।
बैठे बिठाए नहीं मिलती मंजिल
मेहनत करने वाले ही कामयाब होते हैं।
उनके सपने सिर्फ सपने ही रहेंगे
जो सपनों के नाम पर सोते हैं।