Site icon Saavan

सफ़लता

पिता के चरण छुए जो,
कभी गरीब नहीं होता
माता के चरण छुए जो
वो बदनसीब नहीं होता
अग्रज के चरण छुए तो
कभी गमगीन नहीं होता
गुरु के पैरों को छूकर
विद्या का वरदान मिले
विपत्ति सब पर आती है
कोई बिखर जाए
कोई निखर जाए
चलते रहना ही सफ़लता है
वरना तो हार है,
जियो तो ज़िन्दगी है
वरना सब बेकार है
____✍️गीता

Exit mobile version