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समय चक्र

बचपन तो अब अतीत हो गया, जवानी ने भी जाने की जिद ठान ली।
लाख जतन करते रहे कि शायद मान जाए,
उसने तो मेरी एक न सुनी मैंने ही बात उसकी मान ली ।

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