सावन उन्हें भिगो दे
सूखे पड़े हैं जो दिल
राही हैं प्रेम के जो
मिल जाये उनको मंजिल।
मुस्कान उनके लब पर
उस वक्त जाये खिल
जिस वक्त रास्ते में
हमको वो जायें मिल।
रिश्ते फटे-पुराने
उस वक्त जाएं सिल,
जिस वक्त रास्ते में
हमको वो जाएं मिल।
सावन उन्हें भिगो दे
सूखे पड़े हैं जो दिल
राही हैं प्रेम के जो
मिल जाये उनको मंजिल।
मुस्कान उनके लब पर
उस वक्त जाये खिल
जिस वक्त रास्ते में
हमको वो जायें मिल।
रिश्ते फटे-पुराने
उस वक्त जाएं सिल,
जिस वक्त रास्ते में
हमको वो जाएं मिल।