सावन कि बारिश का
खूब फायदा उठाया मैंने
बहा दिए पानी मे वो लम्हे
जो थे मेरी यादों में
और कश्ती बना कर
तिरा दिए तेरे खत
जो कभी छुपा कर रखे थे
मैंने किताबों में.
सावन कि बारिश का
खूब फायदा उठाया मैंने
बहा दिए पानी मे वो लम्हे
जो थे मेरी यादों में
और कश्ती बना कर
तिरा दिए तेरे खत
जो कभी छुपा कर रखे थे
मैंने किताबों में.