किताबों में दबे गुलाबों की,
अपनी अलग दास्तां होती है।
बगैर कुछ कहे ख़ामोशी से,
उनकी कहानी बयां होती है।
भले ही वह सूख जाए,
पर सदा जवान होती है।
सम्भाल कर रखने वाले की,
सबसे बढ़ कर जान होती है।
किसी का प्यार से दिया तोहफा,
क़िस्मत पर मेहरबान होती है।
इन्हीं हंसीन यादों के सहारे ही,
सारी जिंदगी आसान होती है।
देवेश साखरे ‘देव’