सृजन के साथ विनाश जुड़ा है
विनाश के साथ सृजन
सुख दुःख का संगम है
मानव का यह जीवन
मरण के साथ जनम है
जनम के साथ मरण
वैसा भाग्य बनेगा
जैसे जिसके कर्म
–विनीता श्रीवास्तव (नीरजा नीर )–
सृजन के साथ विनाश जुड़ा है
विनाश के साथ सृजन
सुख दुःख का संगम है
मानव का यह जीवन
मरण के साथ जनम है
जनम के साथ मरण
वैसा भाग्य बनेगा
जैसे जिसके कर्म
–विनीता श्रीवास्तव (नीरजा नीर )–