हँसी भी क्या चीज है जनाब
कभी खुशी के मौके पर आ जाती है तो कभी रोते हुए ।
कभी खुशियोंका का पैगाम लाती है
तो कभी पछतावे की बारिश लिए ।
हँसी भी क्या चीज है जनाब
कभी खुशी के मौके पर आ जाती है तो कभी रोते हुए ।
कभी खुशियोंका का पैगाम लाती है
तो कभी पछतावे की बारिश लिए ।