हम खूबसूरती को
अलग पैमाने से आंकते हैं,
वे चेहरा देखते हैं,
हम दिल में झांकते हैं। 1।
हजारों बार कान भरे
फिर भी हमें बदल नहीं पाये
वे ऐसा क्यों करते हैं
आशय नहीं समझ पाये।2।
हम खूबसूरती को
अलग पैमाने से आंकते हैं,
वे चेहरा देखते हैं,
हम दिल में झांकते हैं। 1।
हजारों बार कान भरे
फिर भी हमें बदल नहीं पाये
वे ऐसा क्यों करते हैं
आशय नहीं समझ पाये।2।