बरसात आ रही है
फिर धूप आ रही है
फिर बरसात
फिर धूप,
बारी – बारी से आ रही है,
दोनों से ही तत्व हासिल कर
धरती हरियाली उगा पा रही है।
बरसात आ रही है
फिर धूप आ रही है
फिर बरसात
फिर धूप,
बारी – बारी से आ रही है,
दोनों से ही तत्व हासिल कर
धरती हरियाली उगा पा रही है।