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” हाल – ए – दिल “

देखकर उसकी मुस्कान , ख़ुशी से भर जाता हूँ , मैं …..

उसकी एक झलक पाने ….

कुछ भी कर जाता हूँ , मैं…..

वो क्या जानें , मेरा हाल – ए – दिल ..

उसे मायूस देख …..

ग़ुलाब की पत्तियों की तरह बिखर जाता हूँ , मैं…..

 

पंकजोम ” प्रेम “

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