Site icon Saavan

ज़िन्दगी

तेरे मुखड़े में मुझको रब की तस्वीर दिखती है, तेरे माथे पे बिंदिया चाँद सी खूब सजती है, तेरी आँखो में तारों का बड़ा सुंदर नजारा है, तेरे चेहरे पे सूरज का बड़ा अच्छा उजाला है।। मैं रब से तुझको पाने की इबादत रोज़ करता हूँ, हो दिन या रात तेरे चाँद से चेहरे को तकता हूँ, तू मुझसे दूर है तो क्या हुआ ये मेरे हमसफर, तेरी तस्वीर से तो रात दिन मैं बात करता हूँ।। खुली हो आँख तो तेरे चेहरे को ही पाउ, अगर नींद आ जाए तेरे सपनो में खो जाउ, भुला तुझको तो मैं अब एक पल भी नही सकता, तमन्ना दिल की है मेरे महबूब तुझे देखू तुझे पाउ।। तेरे हाथो में मेहंदी रंगों वाली खूब सज़ती है, तेरे पैरो की पायल छन् छन् खूब करती है, तेरी आवाज़ से खिलते हो जैसे फूल उपवन के, तेरी जुल्फो के उड़ने से हवाएं खूब चलती है।। तेरी आँखो के काज़ल से घटा सावन की छाती है, तेरे उड़ते दुपट्टे से बिजलिया तड़क जाती है, अगर छलके तेरी आँखो से एक भी बूंद अस्को की, बिना मौसम गगन से बारिशे हो ही जाती है। तेरी मुस्कान से खिलते न जाने पुष्प कितने है, तुझे देखने को घर तेरे आते पंछी कितने है, तेरी आँखो के खुलते ही निकलती सूर्य की किरणे , तेरी याद में दिलवर मेरी अँखिया बरसती है।।

Exit mobile version