गीत

कल किसने देखा कल आये या ना आये

जीवन संदेश कल किसने देखा कल आये या ना आये आज की तू परवाह कर ले कही यह भी चला न जाये देख दुनिया की हालत अब तो तू संभल जा कहे रही तुझसे जो सरकार वह तू मान जा कल के लिए तू आज घर पर ही रहे जाये कल किसने देखा कल आये या ना आये साफ सफाई हाथ की धुलाई है जीवन आधार कर लो यह सब जो खुद के जीवन से है प्यार निकल कर बाहर तू कोरोना क्यों फैलाये कल किसने देखा कल आये या ना आये वक़्त है देश के लिए कुछ कर गुजरने को बन... »

कोरोना वायरस खाए जाति है

🇮🇳सीतापुरिया अवधी भाषा:-🇮🇳 घर ते निकरई मा जियरा डेराति हई कोरोना वायरस खाए जाति है।😩😩 हरि घंटा हम हाँथ धोइति हन खाना- पीना हम संतुलितई खाईति हन खाँसी आवई मा जियरा डेराति है कोरोना वायरस खाए जाति है। संतरा-निम्बू हम खातई रहिति हन गिलोय घिसि कई हम कात्ता पीति हन तुलसी कि पाती सब दिनु भरि चबाति हई कोरोना वायरस खाए जाति है। दूरई ते सब ते नमस्ते करिति हन हाथ हम कोई ते नाई मिलाइति हन मुँह का अपने हम ढाक... »

तोहरे प्यार में

तोहरे प्यार में होखे दीवानी बड़ा नीमन लागेले कवने जतन से तोहका मनावे कुछ ना समझ में आवेले »

अपमान

अपमान करें कोई तेरा सम्मान उसे ही तुम देना जो कोई बुराई तेरी करें बदला ना बुराई से लेना गीता मैं यही और रामायण मैं और धर्म सभी यह कहते है जो त्यागी है वह त्याग करें हंस हंस कर सौ दुख सहते है त्याग का दीप जले मन मैं पल एक नहीं बुझने देना जो कोई बुराई तेरी करें बदला ना बुराई से लेना जो प्रभु ने दिया ने दिया संतोष लेकर कुछ और मिले यह लोभ ना कर लोभ का दीप जले मन मे पल एक नहीं जलने देना जो कोई बुराई ते... »

कल किसने देखा कल आये या ना आये

कल किसने देखा कल आये या ना आये आज की तू परवाह कर ले कही यह भी चला ना जाये देख परायी चुपड़ी तेरा मन क्यों ललचा जाय पास तेरे जो है तू उससे मन को समजाये रुखा सूखा जो कुछ है कही वह भी छूट ना जाए कल किसने देखा कल आये या ना आये आज तेरा है जो वह कल था और किसी का आने वाले कल मैं वह होगा और किसी का फिर उस जगह पर अपना हक़ क्यों जताये कल किसने देखा कल आये या ना आये करम किये जो तूने उसका फल भी यही मिलेगा आज नही... »

कभी-कभी

कभी कभी तो वक्त मिलता है हमें अपने ज़ज्बात बयां करने का बाकी फुर्सत कहां होती है हमें उनकी यादों से। »

साथी हाथ बढ़ाएं

चल साथी हाथ बढ़ाएं ,मिलकर सबको पार लगाएं क्या हुआ जो कोई छोटा क्या हुआ जो कोई रूठा हम अपना कर्तव्य निभाएं मिलकर सबको पार लगाएं। कर्म पथ पर चलने वाले मन में बैर न रखते हैं अपनी जिम्मेदारी को ही अपना तप समझते हैं। उम्मीदों का दामन थामे सपनों का संसार पड़ा है छोटे छोटे सपने थामें खुशियों का अंबार खड़ा है खुशियां बांटे खुशियां पाएं क्यों दोष को मन में लाएं। चल साथी हाथ बढ़ाएं मिलकर सबको पार लगाएं। »

दिलों का खेल।

दिलों का खेल मत खेलो न कोई इसमें जीता है। सभी बदनाम होते हैं, दर्द-ए-जाम पीते हैं मुनासिब अब यही होगा कोई दिल को लगाए ना, दिलों की दिल्लगी करके खुद को यूं सताए ना। »

खेल रंग वाला

सजनी है गौर और सजना क्यों काला? आओ हम खेलें खेल रंग रंग वाला। लाल से रंग दो हरे से रंग दो। नीला और पीला गुलाबी से रंग दो। रंग डालो अज बेनीआहपीनाला। आओ हम खेलें खेल रंग वाला।। तन को रंगो सब दिलवर के रंग से। मन को रंगो आज प्रेम के रंग से।। विनयचंद मिटा दे भाव नफरत वाला। आओ हम खेलें खेल रंग वाला।। »

हिन्दुस्तान

करते हैं बहुत प्यार हम हिन्दुस्तान से अपने रहता है बहुत फक्र हिन्दुस्तान पर अपने इसकी एकता अखंडता पर हमको नाज़ है लहराता है तिरंगा हिन्दुस्तान पर अपने । »

जटायु अंत में आंखें खोले

जटायु अंत में आंखें खोले हाथ जोड़ के करे वंदना रोता रोता बोली जटायु अपनी आंखें खोले जल जो पीले तो वह नहीं पीता राम बचा लो दुखी है सीता भक्ति रस में डुबके देखो अशू नयन बोले जटायु अंत में आंखें खोले खेल रहा जो मौत से क्रीड़ा देखी ना जाती उसकी पीड़ा हरि की गोद में पड़ा हुआ वो माटी का तन डोले जटायु अंत में आंखें खोलो अनंत समय हरी पास है मेरे अंधकार आंखों को घेरे क्या करें कि मैं हरी दर्शन कर लूं एक रट... »

जटायु अंत में आंखें खोले

जटायु अंत में आंखें खोल हाथ जोड़ के करे वंदना रोता रोता बोली जटायु अपनी आंखें खोली जली जो पीले तो वह नहीं पीता राम बचा लो दुखी है सीता भक्ति रस में डुबके देखो देखो अशू नयन बोले जटायु अंत में आंखें खोली खेल रहा जो मौत से क्रीड़ा देखी ना जाती उसकी पीड़ा हरि की गोद में पड़ा हुआ वो माटी का तन डोले जटायु अंत में आंखें खोलो चलते समय हरी पास मेरे »

गाना

पदम् गाना🎶🎵🎤🎶🎤 गाना🎶🎵🎶🎤🎵🎶🎤🎵🎶🎤🎵🎶🎤 »

क्या बदलना

मंच भी बदल जायेंगे,किरदार भी बदल जायेंगे,  वक्त के साथ चलते रहो,मंजर भी बदल जायेंगे।  हमेशा अपनी हिम्मत और हुनर पर भरोसा रखना,  जो ठीक लगे दिल को वही काम जूनून से करना।  हाथ की लकीरें का क्या?बनती है और बिगड़ जाती है,  कर्म हो अच्छे तो भाग्य भी खुद ही सुधर जाती है।  बेफिक्र होकर हमेशा बुलंदियों पर निगाह रखना,  उठ गये जो कदम तो अब पीछे क्या हटना।। »

कोहिनूर

कभी हीर ने मुझे राँझा कहकर पुकारा था, इश्क़ मे मैने खुद को हीरे- सा तराशा था। दुनिया की खातिर वह तो मुझे ठुकरा गये, जीते जागते इन्सान को पत्थर-सा बना गये। कौन यहाँ इस पत्थर को अब भगवान मानता है, तू भी तो नही कोहिनूर की कीमत को जानता है। »

Tum bin

तुम बिन मैं एक बूँद हूँ, तुम मिलो तो सागर बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक धागा हूँ, तुम मिलो तो चादर बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक कागज हूँ, तुम मिलो तो किताब बन जाऊँ… तुम बिन मैं इक चिंगारी हूँ, तुम मिलो तो ज्योति बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक सुर हूँ, तुम मिलो तो संगीत बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक मोती हूँ, तुम मिलो तो माला बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक सांस हूँ, तुम मिलो तो जीवन बन जाऊँ... »

ज़िन्दगी

तेरे मुखड़े में मुझको रब की तस्वीर दिखती है, तेरे माथे पे बिंदिया चाँद सी खूब सजती है, तेरी आँखो में तारों का बड़ा सुंदर नजारा है, तेरे चेहरे पे सूरज का बड़ा अच्छा उजाला है।। मैं रब से तुझको पाने की इबादत रोज़ करता हूँ, हो दिन या रात तेरे चाँद से चेहरे को तकता हूँ, तू मुझसे दूर है तो क्या हुआ ये मेरे हमसफर, तेरी तस्वीर से तो रात दिन मैं बात करता हूँ।। खुली हो आँख तो तेरे चेहरे को ही पाउ, अगर नींद ... »

Tera hua mai

प्यार फूलों से कितना किये जा रहा, दूर रहके भी तेरा हुआ जा रहा। तुम अपने उपवन में हर दम महकते रहो, भौरा बनकर मैं तेरा हुआ जा रहा। प्यार के राग को तुम छुपाती हो क्यो, फूलों की डालियों सी शर्माती हो क्यों। खिलती कलियो के जैसे है तेरी हँसी, खुशबू होकर चमन में ना आती हो क्यो। माली बनकर तुम्हे तोड़ लूंगा प्रिये, दिल में तुझको सजोकर रखूँगा प्रिये। तुम आओ तो दिल मेरा सज़ जायेगा, गीत शृंगार का एक नया गायेग... »

साईं भजन

“एक मालिक सभी का “कहने वाले। सुन साईंं मेरे शिरडी वाले ।। राम को पूजा कृष्ण को पूजा। अल्ला ईसा देव नहीं दूजा।। एक मस्जिद को द्वारका कहने वाले। सुन साईंं मेरे शिरडी वाले।। पानी भर -भर दीप जलाया। दुखियों का सब कष्ट मिटाया।। अपना सबको कहने वाले। सुन साईंं मेरे शिरडी वाले।। »

Raajdulara

है इस जगत की सारी खुसिया, मातृभूमि के चरणो में। माँ ही है इस जग की जननी , है सारा ही जा उससे। उसकी एक प्यारी लोरी में ,सातों स्वर मुझको मिलते है। उसके मीठे बोल मुझे, इस जीवन से अच्छे लगते है। माँ का आँचल तो ,मुझको इस जीव जगत से प्यारा है। हर बेटा इस जग में अपनी माँ का राजदुलारा है। »

एहसास

मैंने भी एहसास किया ,मैं देख दृश्य वो रोया हूँ। तम्बू में रहते परिवारों के बच्चों में कितना खोया हूँ।। वो नन्हे मासूम से चेहरे जो कितने भोले भाले है, बचपन में सर ले लिया बोझ, वो कोमल पग वाले है। उनके चेहरे की मासूमी में प्यारी सी किलकारी है, उनकी कुटिया उनके जीवन में इस जी जगत से प्यारी है। उनका बचपन कितना सा अंजाना है, देख कोठियों के बच्चों को मन ही मन सकुचना है,।। उनको मिलते पैसे बेटे कुछ मेले म... »

गीत लिखूं

देख कर आज मौसम की ये मस्तिया, दिल में हलचल सी कुछ अब होने लगी। देख कर नूर सा तेरा मुखडा प्रिये, मन में बेताबिया सी है उठने लगी। इस पवन ने शरारत कुछ ऐसी की है, तेरी जुल्फो से उलझने की कोसिस की है। बूंद पानी ने भी कुछ गलतिया की है, तेरी होठों पे आने की कोसिस की है। तेरी आँखो में काज़ल की है घटा, तेरे मुखड़े पे है छायी सावन की घटा। तेरे श्रृंगार के गीत को मैं लिखूं, तुझे देखूँ तो देखता ही रहूँ। तेरी ... »

गीत कोई

गीत कोई गा रही हूँ छेड़ कर तार दिल के प्रीत के धागे है सुन्दर अश्क के मोती पिरोकर मन-गगन महका रही हूँ । »

वीर गीत

एक हाथ में ध्वजा तिरंगा, काँधे पर बन्दूक हैं। भारत माँ का वीर सिपाही, लक्ष्य बड़ा अचूक है।। कदम चाल में चलते हमसब, भारत माँ की रक्षा में। रहे सुरक्षित शरहद अपनी, वैरी न आए कक्षा में।। देश धर्म पे बलि-बलि जाऊँ, शपथ बड़ा अटूट है। भारत माँ का वीर सिपाही……………………………….।। चाह नहीं अपनी है वीरों, दुनिया पर अधिकार करें। लेकिन अंगुल एक ... »

अधूरे हैं

तुम्हारे होंठों की सरगम बिन मेरे गीत अधूरे हैं। मेरी नजरों से रहते दूर तुम मेरे प्रीत अधूरे हैं। तुम्हें खोकर सारी दुनिया जीतूँ मेरे जीत अधूरे हैं। ‘विनयचंद ‘ वफा के बिन मनमीत अधूरे हैं।। »

आखिर माँ तो माँ होती है

हम प्रेम लुटाये कोई जान न पाए पेट भर के हमारा भूखा सोती है आखिर माँ तो माँ होती है-2 कोई आंच न आये,हम युही मुस्कुराये दुख में दिखे हमे तो छुप के रोती है आखिर माँ तो माँ होती है-2 हमको चलना सिखाये पाठ आचरण का पढ़ाये ममता के आंचल में हमको संजोती है आखिर माँ तो माँ होती है-2 सपने पूरे हो जाये यही मांगे वो दुवाएं हमारी खशियो के खतिर,अपना सब खोती है आखिर माँ तो माँ होती है-2 मुश्किल कितनी भी आये छोड़ के ... »

भारत देश

बाल गीत:-‘भारत देश हमारा है’ यह भारत देश हमारा है, हमे प्राणो से भी प्यारा है। हम तो नन्हे मुन्ने बच्चे है, हम मन के बड़े सच्चे है। हम मिल जुलकर रहते है, हम देश की गाथा कहते है। यह भारत देश हमारा है, हमे प्राणो से भी प्यारा है।। »

गणपति वंदना

आओ मनाएँ गणपति गणेश को। गौड़ी नन्दन पुत्र महेश को।। लम्बोदर गजवदन विनायक। प्रथम पूज्य सब देव सहायक।। करुणाकर करुणेश को, आओ मनाएँ……।। सिद्धि बुद्धि को देने वाले। संकट सबके हरने वाले।। वरदायक मंगलेश को, आओ मनाएँ…….।। ऋद्धि सिद्धि के प्रीतम प्यारे। खड़ा “विनयचंद “तेरे द्वारे।। मेरे काटो कठिन कलेश को, आओ मनाएँ…..।। »

हौसला

हौसला ‘बिन मेहनत के रोटी नही मिलती,गरीब के घर मे खुशियाँ नही सजती। हौसलों के पंख से उड़ान कितनी भी भर लो,पर पेट की भूख नही मिटती।  फौलादी इरादों से साँसो का दामन थाम रखा है,वरना यहाँ मौत भी आसान नही मिलती।  सुना है सारा संसार रंगोत्सव मना रहा है,पर यहाँ कोरी किस्मते कहाँ रंगती।  जद्दोजहद है जिन्दगी मे कि किसी दिन सुकून मिलेगा,उसी दिन सतरंगी यह चेहरा भी सजेगा।  मजबूरी मे मजदूरी कर मजबूरी से नि... »

कड़वाहट

कड़वाहट दुनिया मे जो है कड़वाहट वह मिर्च पर भारी है, मेरे जीने का हुनर मेरी मौत पर अब भारी है।  दिन भर मजदूरी करके अपना परिवार पालता हूँ,  इस तरह आराम पर मेरी मेहनत बहुत भारी है।  सुख की अनुभूति हो इतनी कभी फुरसत ही नही मिलती,  सुकून नही मिलता क्योंकि मुझ पर जिम्मेदारियां बहत भारी है। मुझे आराम के लिए घर या मुलायम बिस्तर नही चाहिये,  तुम्हारे चैन,सुकून पर मेरी बेपरवाह नींद बहुत भारी है।  उम्र है ढ़ला... »

Apne ban payenge

वही है चाँद पर अब उससे ख्वाहिशे बदल गयी,जिन्दगी ने लिए इतने मोड़ कि मायने बदल गये।  बचपन में जिस चाँद को मामा कहते थे,अब महबूब की सूरत मे उसको ढूँढने लगे।  जिन पगडंडियो पर आवाजें लगाकर चलते थे,आज उन्हे छोड़ शहर की ओर चल दिये।  अब कोई बड़ा बुजुर्ग गलती पर डांटता नही,क्योंकि हम खुद को बहुत बड़ा समझने लगे।  छुट्टियों मे अपनी टोली संग खूब धूम मचाते थे,पर अब हम चहारदीवारी मे रहने लगे।  नानी,बुआ और मौसी के ... »

उदन्त मार्तण्ड

उदन्त मार्तण्ड ‘उदंत मार्तण्ड’ है हिन्दी पत्रकारिता की आधारशिला, ‘प्रथम हिन्दी समाचार पत्र’ होने का इसको मान मिला। पण्डित युगुल किशोर शुक्ल ने था इसको प्रारंभ किया, अपनी प्रतिभा व निजी संसाधनो से इसका सम्मान किया। ’30 मई 1826′ को इसका प्रथम अंक प्रकाशित हुआ, इसमे ‘मध्यदेशीय भाषा’ का ओज प्रस्फुटित हुआ। यह पत्र ‘पुस्तकाकार’ मे कलकत्ता से छप... »

Kadar kar lo

कदर कर लो यारो “ईश्वर ने जो दिया है उसकी कदर कर लो यारो, सम्भाल लो जिन्दगी इसकी फिकर कर लो यारो। सबको सब कुछ नही मिलता पर कुछ तो सोचो, तुमको जो मिला वो बहुतों को नसीब नही होता। कभी खुशी कभी गम तो आते रहते है जिन्दगी मे, पर खुद को हर हालात मे सम्भाले रखना यारो। कभी भूल से भी मुकद्दर को कोई दोष मत देना, क्योंकि सभी खाली हाथ यहाँ आते है दोस्तों। मेहनत से भी किस्मत की लकीरें बदलती है यहाँ, इसलिय... »

तिरंगे के दीवाने

तिरंगे के दीवाने

मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2 आंख दिखा के न जाये,आंच आने न पाए सर कटाते रहेंगे इसके क़फ़न के लिए मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2 हिन्दू-मुस्लिम हो भाई,क्या सिक्ख क्या ईसाई सब मिलके खड़े है इसके जतन के लिए मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2 रंग हरा है हरियाली जैसे फैली खुशहाली श्वेत रंग है हमारे अमन के लिए मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2 केसरिया रंग बलिदानी,वीरता की निशानी शरहदो पे खड़े है दुश्मन के... »

मेरी मेहनत

मेहनतकश औरत खुशियाँ किसी तख्तोताज की मोहताज़ नही होती, धन दौलत ही खुशियों का प्रतिमान नही होती।  होठों पर मुस्कान गरीब के भी सज सकती है,  खुशियाँ सिर्फ अमीरो की जागीर नही होती।  मेहनतकश औरत के चेहरे पर पसीना भी जंचता है,  खूबसूरती सिर्फ पाउडर और लिपिस्टिक मे नही होती।  सुनहरे ख्वाबों के समन्दर बसते है चमकीली आँखो मे,  बह न जाये इसी डर से बेवक़्त इनसे बरसात नही होती।  पसीने की बूंदे सजती है ललाट की ल... »

माई का लाल

” देशहित में जो प्राण हते, वही माई का लाल हैं। सीमा पर करे सुरक्षा,जागे दिन हर रात है। उन सपूतो को वन्दन करता,मेरा देश महान है। उन्ही के कारण हम है सुरक्षित, उन्ही से अपना मान है। सर्दी,गर्मी ,बारिश में भी वो हमेशा तैनात है। और हर हाल दुश्मन को देता मात है। उन रण बांकुरों को “अभिषेक” दिल से करता सम्मान है। उन्ही से पावन धरा का पल पल बढ़ता मान हैं। ” »

Dosti

“रिश्तो में छाँव सा है दोस्ती का मान, इससे मिलता है हर पल अभिमान। मित्र हर परिस्थिति में बढ़ाता है हाथ, कर्ण ने दिया समर में दुर्योधन का साथ। श्रीकृष्ण ने सुदामा संग मित्रता निभाई, क्षण भर में ही दरिद्रता मिटाई। हजारो की भीड़ में कोई ऐसा होना चाहिए, जो आपको समझे और आप सा होना चाहिए। दोस्ती की परिभाषा श्रीकृष्ण व कर्ण ने समझाई, सम्पूर्ण विश्व को इस रिश्ते की सच्चाई समझाई। मित्र हो श्रीकृष्ण व क... »

आओ सीखे

प्यारे बच्चों,प्यारे बच्चों आओ मेरे पास, दूर वहाँ क्यो बैठो हो तुम हो क्यो इतने उदास? आओ मिलकर पाठ पढ़े कुछ सीखे नयी बात, मिल जुलकर हम साथ रहे और मन में हो विश्वास। प्यारे बच्चो….. सुबह उठो जल्दी से तुम और बोलो सबको शुभ प्रभात, बस्ता लेकर स्कूल चलो तुम सब ले हाथों मे हाथ। प्यारे बच्चों….. नित्य कर ईश्वर की प्रार्थना कर्त्तव्य मार्ग पर डटे रहो, कोई भी कठिनाई आये पर तुम पीछे न कभी हटो। प्... »

माँ

जो नज़रो से परख ले वो माँ होती है। दर्द को दिल में जो रख ले वो माँ होती है। कर कोई काम तू बुरा खुदा से चाहे हो छुपा जो तेरा चेहरा भांप ले वो माँ होती है। »

तुम्हे मालूम है

तुम्हें मालूम है हमको मानना खूब आता है । तो आखिर ये बताओ तुम क्यूँ हमसे हमेशा रूठ जाते हो। »

रंग डालेगे

आपको रंग डालेगे हाँथ में रंग है पीला। पहले सूखा लगायेंगे भर के पिचकारी में गीला। आप जब गुस्से में आकर के हमपे तिलमिलओगे आपका साँवला मुखड़ा कर देंगे बैंगनी-नीला। »

हम सब भारतवासी हैं

सौभाग्य हमारा है बंधु, हम सब भारतवासी हैं। सुखी रहे सब लोग यहाँ, इसके हम अभिलाषी हैं।। धरती को हम माता कहते गैया पूजी जाती हैं। वृक्ष सभी यहाँ देव रूप हैं नदियाँ पूजी जाती हैं ।। नाहर बैल हंस नहीं केवल, काग श्वान भी सुखरासी हैं। सौभाग्य हमारा है बंधु हम सब भारतवासी हैं।। जाति धर्म का भेद नहीं है । काले गोरे का खेद नहीं है।। शब्द ब्रह्म का आदर करते, बेशक हम बहुभाषी हैं। ‘विनयचंद ‘रे भूप... »

भजन

भज ले राम राम तू राम। योग यज्ञ व्रत देव न ऐसा, न हीं तारक धाम। सेवा पूजा ध्यान न लावे, जप ले मात्र सुनाम।। भज….. निश दिन पाप करे बड़ प्राणी. उल्टे सीधे काम। राम राम गा राम को पावे. जीवन में आराम।। भज…. राम नाम ने सबरी ताड़े, ताड़े भगत तमाम। ध्रुव प्रह्लाद विभीषण मीरा,ताड़े तुकाराम।।भज….. विप्र अजामिल नारि अहिल्या, पहुँचें हरि के धाम। ‘विनयचंद ‘नर देही को तू, मत करना ब... »

सावन बीता जाये।

सावन बीता जाये प्रियतम तुम न आये। मस्त पवन संग डोले किसलय ताल – तलैया, सागर में लय, बादल नभ पर छाये प्रियतम तुम न आये। कलियों पर है छायी लाली झूमे बेसुध कोमल डाली, मधुकर तान सुनाये प्रियतम तुम न आये। चूमें धरती चंचल – किरणें महकी हवा लगी मन हरने, रुत आये रुत जाये प्रिमतम तुम न आये। सावन की ये काली रातें गरजे घटा घोर बरसातें, विरह बहुत तड़पाये प्रियतम तुम न आये। सूना आँगन , सूने झूले जा... »

किया प्यार तुमसे

किया प्यार तुमसे, मैं करता रहूँगा। रस्म- ए-वफा को निभाता रहूँगा।। किया……. सूरत तुम्हारी मैं दिल में बसाई । अपना बनाने की चाहत है आई।। मिलो न मिलो मुझसे बुलाता रहूँगा। किया प्यार तुमसे मैं करता रहूँगा।। किया….. छुप-छुप के देखूँ यही चाह मेरी। कहीं भी रहो खुश नहीं आह मेरी। हरेक गम मैं तेरा उठता रहूँगा। किया प्यार तुमसे मैं करता रहूँगा।। किया,,,, ‘विनयचंद ‘लग जा गले यार म... »

राम -हनुमान

साथ जुड़े है उनके नाम राम के संग- संग बोलो जय हनुमान प्यार मे खोए है हनुमान जय हनुमान जय श्री राम पतित पावन सीता राम काज बनाओ हे प्रभु राम राम के संग संग बोलो जय हनुमान. »

ना जाने किस दिन आ जाए काल तोहार

राम नाम का जाप करो रे मुख से बारम्बार। ना जाने किस दिन आ जाए काल तोहार। । लख चौरासी चक्कर खाया। फिर कहीं जाके नर तन पाया। । मानुष का तन विषय भोग में मत करना बेकार। ना जाने किस दिन आ जाए काल तोहार।। नरक यमालय नदी बैतरणी। गर्भवास व जीवन मरनी।। दुख दुनिया है मेरे भैया दुखों का भण्डार। ना जाने किस दिन आ जाए काल तोहार।। भजन बिना कुछ काम न आए। धन – दौलत सब यहीं रह जाए।। विनयचंद रे राम नाम का सदा क... »

हनुमान भजन

हनुमान गदाधारी श्रीराम के प्यारे हैं। करते हैं सदा भक्ति सीता के दुलारे हैं।। सुग्रीव पे विपति पड़ी। रिशमुक पे चरण धड़ी।। श्रीराम मिलाए हैं दुखरे को मिटाए हैं। हनुमान गदाधारी श्रीराम के प्यारे हैं।। रीछपति नल नील। दक्षिण को गए सब मिल।। अंगद के संंग संग ये सिय खोज में धाए हैं। हनुमान गदाधारी श्रीराम के प्यारे हैं।। »

नन्दकिशोर

रक्तिम अधर रक्तिम कपोल श्याम वरण था उसका। कजरारी नयना थी उसकी नरम चरण था उसका। घुंघरे घुंघरे बाल थे उसके मेरा वो चितचोर था। विनयचंद वो रसिया जिसका नाम नन्दकिशोर था। »

वीर जवान

हम हैं वीर जवान साथियों शरहद पे लड़नेवाले। हमसे देश सुरक्षित हम नहीं किसी से डरनेवाले।। भूख-प्यास को छोड़ा छोड़ा घर परिवार। देश भक्ति का जज्बा दिल में छोड़ेगे संसार।। विनयचंद हम देश के खातिर वीर लड़ाकू मरनेवाले। हमसे देश सुरक्षित हम नहीं किसी से डरनेवाले।। »

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