Most websites today look like they were built in a rush. Buttons flash. Text scrolls. Animations burst on screen before you’ve even clicked. The goal, ostensibly, is to grab attention. Instead, it just overwhelms. One […]
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You know the feeling. The drive stretches on, the exits blur, and the goal is simple: find a safe, clean, reasonably priced room off the highway. It is a purely functional need. There is no […]
गर सजा दूं मौन होकर प्राण तरुवर को धरा पर गर धुला आंगन हो आँसू के बिछौने बिछ रहे हों गर तुम्हारे प्रेम को अभिव्यक्त करना आ गया हो गर हमारे बीच में उन्मुक्त हो […]
एक वर्ष होने को आया, फिर साजन का स्वप्न सताया बुझता जलता बुझता दीपक, फिर हमने इक बार जलाया। आज मिलन की अग्नि अलौकिक, धधक उठी एक बार। तुम हो मेरा प्यार, ओ साजन, तुम […]
अम्बर में अनगिन तारे हैं। रोज रात में खिल जाते हैं आपस में हिलमिल जाते हैं, रखते उर में वैर नहीं हैं मिलते जैसे गैर नहीं हैं। भूतल से लगते न्यारे हैं अम्बर में अनगिन […]
तू ही तो है चाहत,तू ही तो है राहत, पंछी मैं तू, भोर की पहली किरन. तुझे न देखूं तो, दिल में उदासी, जो देखूं तुझे, दिल में आशा-किरन. चेहरों में इक तेरा, चेहरा सुहाना, […]
जीवन में नित बढ़ते जाओ देखो नया सवेरा, इक झोंके से नहीं बिखरता चिड़ियों का बना बसेरा….(१) मिलती जो बाधाएं हैं नित उनको गले लगाओ, मिलते जो आक्षेप जगत से उनको सहते जाओ…. नागफनी सी […]
जीवन में नित बढ़ते जाओ देखो नया सवेरा, इक झोंके से नहीं बिखरता चिड़ियों का बना बसेरा….(१) मिलती जो बाधाएं हैं नित उनको गले लगाओ, मिलते जो आक्षेप जगत से उनको सहते जाओ…. नागफनी सी […]
जिंदगी की पहेली कब तक हमे रुलाएगी, हम परवाने हे मौत समा अब तो यह समझ जायेगी । रोकने की उम्मीदों में, जिंदगी ने प्रयत्न है कई किए, दुविधा और दुखो की बरसात में है […]
मैं जिसे ओढ़ता बिछाता हूँ वो ग़ज़ल आप को सुनाता हूँ एक जंगल है तेरी आँखों में मैं जहाँ राह भूल जाता हूँ तू किसी रेल सी गुज़रती है। मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ […]
हर भाषण में हिंदी होनी चाहिए, दुनिया भर में प्यार की लूट, तुम भारत की शान हो हिंदी, कितना घमण्ड करूँ तुम पर, मेरे पास शब्दों की कमी है मुझे आपको नीचे रखना है, आपको […]
हम अंधेरों से झगड़ते फिर रहे थे दर-ब-दर । तुमने बरसाया उजाला हो गए हम तर-ब-तर। मुस्कुराए तो अमावस की उदासी खो गई । साथ आए तुम तो मेरी पूर्णमासी हो गई । तुम न […]
दिल के वीराने में एक अंजुमन हम भी सजाते हैं। जब भी होते हैं तन्हा आपको उसमें बिठाते हैं। आप तो भूल गए हो यादें पुरानी, आइये हम आपको याद दिलाते हैं.. सावन, नदियाँ पर्वत […]
विषय– पिता की छांव मां-पापा हैं मेरे जीवन की पतवार कैसे चुका पाएंगे हम अपने पापा के उपकार चलना सिखाया पापा ने मुझे गोद उठा दिखलाया संसार एक साया बनकर चलते संग मुझे खुशियां देते […]
प्रीत रोग के मारे दिल को हम को ये तो बताना था हम को .गम तो और भी हैं लेकिन इसी का .जमाना धा हम को ही पछताना धा इस के संग तो .फसाना धा […]
सैंया तेरे साथ खेल को लाई चुनरिया कोरी मैं कौन रंग के साथ रंगोगे, मोहे अबकी होरी में जीवन मिला तोहे पाने को,कितने मौसम बीत गए इंतजार में तेरे प्रीतम नैना मेरे भीग गए अबकी […]
हिम की बरसात हुई, कहीं तो बीती रात हुई। गिरी नर्म-नर्म रुई सी, चाॅंदी सी बिछ गयी राहों में रूचिर रुपहली रात हुई बही सर्द-सर्द हवाएँ, तन-मन ठिठुरता ही जाए। बादल घुमड़ रहे गगन पर, […]
पूस माह में सावन आया, काली घनघोर घटाएँ लाया। झमाझम मेघों से बरसा पानी, कुदरत को ऐसे सावन भाया । सर्दी में सर्दी और बढ़ी, जलधर इतना जल कहाँ से लाया। यह कैसा परिवर्तन ऋतु […]
नववर्ष तुम्हारा अभिनंदन आमोद !प्रमोद! विनोद !नवल !नव हर्ष! तुम्हारा अभिनंदन ! नव वर्ष तुम्हारा अभिनंदन !! 💐💐💐💐💐💐💐 नवसंतति के नवचेतन में फूटें अंकुर मुद -मंगलमय । नवचिंतन के नूतन किसलय महकें बनकर सत्कीर्ति- मलय […]
शर्मा शुक्ला मिश्रा यादव वर्मा वैश्य बनर्जी दोस्त। खतरनाक है सबमें लेकिन असल शक्ल में फर्जी दोस्त।। जिस थाली में करता भोजन उसी थाल को देता छेद। अपने घड़ियाली स्वभाव का नहीं तनिक भी उसको […]
जब-जब मेरी कलम चले, ऐसा कुछ लिखती जाऊँ। जीवन की सच्चाई कभी और कभी कल्पना में खो जाऊँ। जन-जन की बात लिखूँ मैं, और कभी लिख डालूँ मन की। कभी सिसकती साॅंसे सुन कर, लिख […]
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🙏🙏🙏🙏🙏💐💐 निष्ठा सच ईमानदारी से लड़ लड़ जूझ रही दुनियाँ। जो पारंगत षड़यंत्रों में उनको पूज रही दुनियाँ।। कम से कम प्रयास करके भी जमना चाहें चोटी पर। शोध कर रहे मिलकर प्यादे शह […]
दामिनी चमक रही है, यामिनी लरज़ रही है। अम्बर पर मेघा छाए, नीर बरसता ही जाए। मन मेरा घबराए देख कर ऐसा मौसम, तिमिर मुझको डराए। डर बढ़ता ही जाए, पवन चल रही सीली-सीली, भीग […]
अब आर्यपुत्र आर्यन सिंह का हृदय सांसारिक वस्तुओं से हटकर बैराग्य की तरफ आकर्षित होने लगा सो उन्होने विशुद्ध सरल भावनाओं को लेखनी के माध्यम से हम तक पहुंचाया – शून्य मार्ग पर चला पथिक […]
सर्द पवन का झोंका लेकर, आई ये बरसात है। बे मौसम ही आई लेकिन, कुछ तो इसमें बात है। भीगे सारे बाग-बगीचे, भीगे पुष्प और पात हैं। भीग गया है तन-मन सारा, भीग गये जज़्बात […]
अधूरी सी हो गई है ज़िन्दगी, अधूरा सा हो गया संसार है। पूरी ना हो पाई कुछ अभिलाषा, अधूरा सा रह गया प्यार है। अभी दर्द में बहुत हूँ, थोड़ा समय लगेगा मुस्काने में। दर्द […]
मन के रावण को मारने के लिए, दशहरा मनाया जाता है। किस-किस ने रावण को मारा कौन राम-मय हो कर आया है। दशहरा शुभ हो…. यह गीत तो सभी ने गाया है। कब यह देश […]
दिल के दर्द को कैसे तुम्हें समझाएँ, हैं बहुत तनहा, यह कैसे तुम्हें बताऍं। साॅंझ, सवेरे सूरज की लाली है, मगर दिल उमंगों से खाली है। रातों को तारे जब टिमटिमाते हैं, मेरी आँखों के […]
जल की बूॅंदें गिरी सारी रात, रात भर होती रही बरसात। तिमिर छाया रहा भोर में भी, ऐसे हो गये थे हालात। ना चन्द्र दिखे ना सूर्य ही आए, मोती गिरते रहे सारी रात। भीग […]
श्याम वर्ण के बादलों से, जब गगन घिर जाएगा। नीला नीला आसमान, मेघों के पीछे छुप जाएगा। तब जल की गिरे फुहार, शीतल-शीतल चले बयार। भीगेगी तब धरती सारी, भीगेगा संसार॥ _______✍गीता
गंध भरे महूबे मन छू गए सकारे यादों की दोपहरी चढ़ आयी द्वारे गूँज उठी सुधियों नूतन नमराइयाँ कूँक रहे कण्ठ आज दर्द की रुबाइयाँ डूब गए गागर में सागर रतनारे गंध भरे महूबे मन […]
दोहा – आनन्द मगन गदगद बदन कृष्ण भाव के रंग जामे रंगीले सब स्वजन बाजत ढोल मृदंग।। भजन – गोकुल में जन्मे साँवरिया ।।03।। सांवरिया रे सांवरिया ओ सांवरिया जेलन मे जन्मे सांवरिया ।। गोकुल […]
वृक्षों पर आ गया सूरज, धरा पर छा गया सूरज। बिखराकर अपनी स्वर्ण रश्मियाँ, गीत कोई गा गया सूरज। हल लेकर निकल पड़े किसान, देखो आ गया सूरज। अंधकार मिटाने धरा से, सदियों से आता […]
सावन में, पड़ी जब बरखा की फुहार, मौसम भी बदल गया और ठंडी चली बयार । चिरैया फुदक रही वृक्षों पर, मेघों ने गाया राग मल्हार। रिमझिम बूंदें बरस रही हैं, भीगा ऑंगन सारा । […]
मोहब्बत की अद्भुत है दास्तान, कब शुरू हुई और कब चढ़ी परवान। चाॅंद तारों की ख्वाहिश नहीं है, बस मिले मधुर मुस्कान । या फ़िर हो सुगन्धित फूल, कुछ कम हों हृदय के शूल। जब […]
रिमझिम बूंदे बहुत हैं बरसीं, अखियाँ तुझे देखन को तरसीं। बिजली चमक रही है चम-चम, बरस रहा है पानी छम-छम। नभ में काली बदली छाई, शीतल पवन याद ले आई। सूर्य नहीं आज अम्बर में, […]
दिल से नहीं निकली, तेरे चले जाने की बात। सुकून से नींद नहीं आई किसी रात। बुरा वक्त बीत जाता है , यही सुनते आए थे.. हमारा नहीं बीत रहा है, कैसे हुए हालात। ऑंखों […]
आहिस्ता-आहिस्ता मौसम बदल रहा है। एक शीतल पवन का झोंका मुझसे बोल रहा है.. ‘मुझे तेरा ताप है कम करना’, फिर ना ऑंखें नम करना। हिय में छुपाकर ग़म अपने, तुम धीरे-धीरे कम करना । […]
हे कवि, तुम लिखना मत छोड़ना कोई कुछ भी कहे कभी कलम मत तोड़ना l तुम से ही सीख ले रहा, यह सारा संसार है अपने गीतों से जग दिखलाना, तुम्हारे कांधे पर भार है […]
चढ़ा आषाढ़ श्याम घन घिर आए, आ कर खूब नीर बरसाए। किसी अपने के बिछोह में, नैन नीर मेरे भी आए। ऑंचल भीगा, नयन भी भीगे, यादें आईं अपार। इधर मेरे नैना बरसे, उधर गिरी […]
प्रिय भैया लिवा ले जाओ न आकर तुम्हारी याद आती है यहाँ खुश हूं बहुत लेकिन मुझे खुशियां रुलाती है जबसे आई हूं रोती हु कमरा बंद कर करके कोई आता है तो होंठो में […]
इन घड़ी वालों के पास वक़्त कहाँ है इनकी बातों में वो बात अब कहाँ है जिंदगी आसान करने के फंडे ढूंढते ढूंढते छप्पर तो अभी भी है, उठवाने वाले हाथ कहाँ है। इस अंधी […]
राम नाम रट मनवा मेरे जीवन सफल बना ले। नर देही न व्यर्थ गमाओ कुछ तो पुण्य कमा ले।। दुख दरिया है जीवन तेरा नित राम नाम तू गाले । अन्तकाल पछताओगे जब पड़ेंगे यम […]
हे करोना दुःख के गागर। जय महाकाल मृत्यु के सागर।। जय करोना देव गोंसाई। जो भजा वह जान गँवाई।। काल करोना हर्ष उड़ आए। दिव्य शक्ति से मार गिराए।। बल में कहलाए वह बलधामा। काल […]
हे करोना दुःख के गागर। जय महाकाल मृत्यु के सागर।। जय करोना देव गोंसाई। जो भजा वह जान गँवाई।। काल करोना हर्ष उड़ आए। दिव्य शक्ति से मार गिराए।। बल में कहलाए वह बलधामा। काल […]
हे करोना दुःख के गागर। जय महाकाल मृत्यु के सागर।। जय करोना देव गोंसाई। जो भजा वह जान गंवाई।। काल करोना हर्ष उड़ आए। दिव्य शक्ति से मार गिराए।। बल में कहलाए वह बलधामा। काल […]
देखो बरस रही ठंडी फुहार, बदलियां भर आई। काले-काले मेघा उमड़ घुमड़ रहे, गरज गरज कर शोर सुना रहे, फिर दामिनी तड़की आया झंझावात, बदलियां भर आई। वन में नाचे मोर -मोरनी, प्रकृति का कैसा […]
आइए शुद्ध भावो से प्रार्थना करे किसी भी मुसीबत से हम ना डरे हो क्रपा आपकी हम पे इतनी सदा स्मरण ईश की हर घड़ी हम करे हर बुराई से बचते बचाते हुए बन के […]
आज है जन्मदिवस तेरा ओ मां अंजना के लाल , कलयुग के देवता कहां हो तुम ? आ जाओ करने फिर से हम सबकी देखभाल , आप की बनाई दुनिया में महामारी के बादल छाए […]
गाँव में खेत हरे और है खलिहान गाँव में कूप, नल और है मैदान गाँव में बाग बन और है किसान गाँव में है भारत माता के प्राण गाँव में है कच्ची सड़क कच्चे मकान […]
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