Geet

हो तुम कहाँ

बारिश कि बूंदे दिल का ऐ आलम हो तुम कहाँ..हो तुम कहाँ फूलों की डाली,भवरों का मंडर महकती ये वादी,सावन की ये हरियाली हो तुम कहाँ..हो तुम कहाँ खींचा चला जा रहा हूँ तेरी खुशबू पर तुम हो जाने कहाँ किस मोड़ पर लिपट के तेरी जूल्फों से आज मैं खेलूँगा भीगी पलकों से काजल चूराऊंगा हो तुम कहाँ..हो तुम कहाँ मुश्किलें हैं इस कदर क्या मैं बयां करू दिल मेरा तरसे तुम्हें देखने को आंहे भरू निगांहे तरकश गई है तुम्हें... »

Mere manmit

तुझ में सब कुछ पाया मैंने, तू ही तो मेरा सवेरा, ओ मेरे मनमीत कहां हो तुम तुझे ढूंढे यह दिल मेरा, आने से होती है तेरे शम्मा ये गुलजार ये रौशन बहारा, तेरे ही लिए मैंने खुद को है संवारा, तू जो चले तो, झुक जाए फूलों की डाली, मंडराए मन का भंवरा, तू ही तो दुनिया हो मेरी, तू ही हो मेरा सहारा, गर आ जाओ तुम तो, खिल जाए, इन होठों की कलियां | »

बुद्धू सा मन

बुद्धू सा मन चंचल सा यह तन बहका बहका सा लगे सांसो का भी चलन। १. दर्पण बनी तेरी आंखें मेरे सनम सरगोशियां तेरी सीने में दे जलन। बतियां तेरी मुझे बहका ना दे सनम, बुद्धु सा मन….. २. सांसों में मेरी तेरे ही सुर बसे धड़कन बनी घड़ी भागे समयसे परे। शर्मो हया मेरे गालों पर फिर सजे बुद्धु सा मन… निमिषा सिंघल »

Tera sahara

काश ! मुझे सहारा तेरा मिल गया होता, तूफा नहीं आता तो किनारा मिल गया होता, मेरे दिल की धड़कन तुझे दस्तक देती है, यह तन्हाई काटे नहीं कटती है, बिखर के रह गया है तेरे बिन मेरा यह आशियाना, चले आओ ये आंखें रास्ता देखती हैं तेरी, तेरे बिन लगता है, सुना जहां मेरा, न जाने कब यह बात तुझे समझ में आएगी, वह नजारे याद आते हैं, जब हम मिला करते थे, वह मंजर भूल नहीं सकती, जब तुम मुस्कुराते थे, फूलों की कलियां खिल... »

Tera sahara

काश!मुझे सहारा तेरा मिल गया होता, तूफा नहीं आता तो किनारा मिल गया होता, मेरे दिल की धड़कन तुझे दस्तक देती है, यह तन्हाई काटे नहीं कटती है, बिखर के रह गया है तेरे बिन मेरा यह आशियाना, चले आओ ये आंखें रास्ता देखती हैं तेरी, तेरे बिन लगता है सुना जहां मेरा, न जाने कब यह बात तुझे समझ में आएगी, वह नजारे याद आते हैं जब हम मिला करते थे, वह मंजर भूल नहीं सकती जब तुम मुस्कुराते थे, फूलों की कलियां खिलती थी... »

O manmit mere

ओ मनमीत मेरे, मैंने दिल से तुझे पुकारा, मैं नदिया की धारा, तुम हो मेरा किनारा, बिन तेरे जीना मेरा, होगा नहीं गवारा, चाहे किस्मत रूठे मुझसे, या रुठे यह जग सारा, तुम धूप तो मैं हूं छाया, तू अंबर तो मैं धरती, कब तक मिलन होगा हमारा, अब तक कितने मौसम बीते, क्या मिलन होगा न ये हमारा, बीच भंवर में फंसी है मेरी नैया, तुम आकर कर दो इसे किनारा | »

गीत

नौ दिन क कलशा रखले बाडी माई होके शेरवा पर सवार आई जइतु गऊआ हमार चमचम चमकेला बिंदिया ए माई सुनर सुनर पऊआ में लागल बा महावर हाथवा में सोहेल गंदा चक्र ए माई महेश इन्द्रशेन करत बा पुजनवा तोहार दुखवा से ऊबारी कवनो जादू चलाई कई द हमनो के नईया पार ए माई नौ दिन क कलशा रखले बाडी माई होके शेरवा पर सवार आई जइतु गऊआ हमार बढल जात बांटे बहुत ए पाप ये माई कई देतु कलयूग के सत्यानाश ए माई हमनी बांटी तोहरा सरनवा मे... »

वेदना

जीवन मेरा बहुत कठिन है, पर ना चाहूं मुड़कर देखना | रख ली है कुछ पुरानी यादे समेटकर, ना चाहूँ उनको फेंकना | झूठा मुखौटा लगाकर, क्यों चाहते हो, जज्बातों से यूँ खेलना | दिल दुख रहा, मन तड़प रहा, किससे कहूं मै मन की वेदना | तनो के तीर मारकर, छोड़ दो मेरे दिल को यूँ भेदना | »

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी तेरा शुक्रिया, प्यारी सी सुबहे दी तारों भरे आसमां का आंचल दिया खुशनुमा, हवाओं से सरोबार् जो किया…. सोने चांदी के चम्मच ना सही धूप की चुनौतियों भरे रास्तों पे.. चलने का साहस ,जो दिया… जीवन की सांसों पर, कर्ज है तेरा… ज़िन्दगी तूने मुझे , है सब कुछ दिया…… »

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी तेरा शुक्रिया, प्यारी सी सुबहे दी तारों भरे आसमां का आंचल दिया खुशनुमा, हवाओं से सरोबार् जो किया…. सोने चांदी के चम्मच ना सही धूप की चुनौतियों भरे रास्तों पे.. चलने का साहस ,जो दिया… जीवन की सांसों पर, कर्ज है तेरा… ज़िन्दगी तूने मुझे , है सब कुछ दिया…… »

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