गीत

Karsni leeli

🍀🌹🙏सादर प्रणाम आप सभी सम्मानित जनों को 🍀🌹🙏,,,,,,,,,,कर्ष्ण लीला,,,,,,,, 🍀🌹🙏 तेरी लीला है अपरंपार,, ओ जग के हे पालनहारा ,,,,,,🌻🌻 जनम लियों है मथुरा बीच मैं,,,, तेरे नैन (आखं) खुल्यों है गोकुल मां,, 🍀🌸 मुक्त करियों सब बन्दी जन को,,,, चैन की बंसी बजैया,,,,,, तेरी लीला है अपरंपार,,,, 🌺🌹 लाल को मारन पूतना आई,,,, छाती को दूध पिलाया,, पिलियों दूध जो छाती को है,,,,, 🍁🍁 खुद पूतना को नीद (मार) सुलाया,,,, ते... »

Karsni leeli

🍀🌹🙏सादर प्रणाम आप सभी सम्मानित जनों को 🍀🌹🙏,,,,,,,,,,कर्ष्ण लीला,,,,,,,, 🍀🌹🙏 तेरी लीला है अपरंपार,, ओ जग के हे पालनहारा ,,,,,,🌻🌻 जनम लियों है मथुरा बीच मैं,,,, तेरे नैन (आखं) खुल्यों है गोकुल मां,, 🍀🌸 मुक्त करियों सब बन्दी जन को,,,, चैन की बंसी बजैया,,,,,, तेरी लीला है अपरंपार,,,, 🌺🌹 लाल को मारन पूतना आई,,,, छाती को दूध पिलाया,, पिलियों दूध जो छाती को है,,,,, 🍁🍁 खुद पूतना को नीद (मार) सुलाया,,,, ते... »

प्यार में भीगते-भिगाते रहो

आज जितना भी बरसता है बरस जाने दो, फिर तो सावन भी चला जायेगा, सींच कर कोना-कोना धरती का फिर तो सावन भी चला जायेगा। आज जितना भी चाहो भीगो तुम प्यार ही प्यार भरा मौसम है, प्यार में भीगते-भिगाते रहो, फिर तो सावन भी चला जायेगा। »

कृष्णलीला

*कृष्ण लीला* तू दधि चोर तो; तोही न छोडूं, पकड़ बांह तोरे; कान मरोड़ूँ ! लल्ला मेरो मोही हिय ते प्यारा तोसे कुढ़त गोकुल ब्रिज सारा *खा सौं अब तू मोरी,* *न करिहउँ अब मै चोरी* !! जग के पालक: जननी के बालक, प्रहसन करते; जग संचालक ! जड़ चेतन बंशी सुन हिलते!! ग्वालन संग जमुना तट मिलते, *खा सौं अब तू मोरी,* *न करिहउँ अब मै चोरी* !! गाय चरैया, पर्वत को उठइया, बिषधर को, जमुना में मरैया ! पुरबाशिन को लाज न आवत, ... »

संजना

सावन में ए सखी, खनके क्यों कँगना। कोयलिया गीत सुनाए ,क्यों मेरे घर अँगना।। बार बार दिल धड़काए, प्यास जगाए। जाने क्या करेगी, मेरी नादान ए कँगना।। जब सुनती हूँ, “ए शोभा पियु कहाँ ” की मीठी स्वर। तब न पूछ सखी , घायल हो जाती है ए संजना।। »

– मैंने व्यर्थ ही जिन्दगी गँवायो रे!

मैंने व्यर्थ ही जिन्दगी गँवायो रे! कभी राम नाम लिया तो नहीं । मैंने व्यर्थ ही जिन्दगी गँवायो रे! नर तन लेकर इस जहां में आया नारायण को पाने को । भोग-विलास में रमा रहा । याद न आया कभी नारायण को ।। मैंने व्यर्थ ही जिन्दगी गँवायो रे! कभी राम नाम लिया तो नहीं । मिथ रिश्ते-नातें में मैं यूँही बँधा ही रहा । कभी साँचा रिश्ता याद आया ही नहीं ।। मैंने व्यर्थ ही जिन्दगी गँवायो रे! कभी राम नाम लिया तो नहीं ।।... »

कपड़े बदले, वेश बदला, बदला घर-संसारा ।

कपड़े बदले, वेश बदला, बदला घर-संसारा । माया-मोह में फँसा रहा तु नर पर बदल सका न अपना व्यवहार । रे! क्या-क्या बदला तु इंसान-2 तन को धोया नित-नित दिन तु, पर मन को धोया कभी नहीं अगर एक बार जो मन धो लो हो जाये तन तेरा शुद्ध । रे! क्या-क्या बदला तु इंसान-2 मन शुद्ध है तो तन शुध्द है, आहार शुध्द तो विचार शुद्ध है । जल शुद्ध है तो वाणी शुद्ध है, संगत शुद्ध तो रंगत शुध्द है । रे! क्या-क्या बदला तु इंसान-2... »

आजा-2 मेरे राम दुलारा ।।

कौसल्या का आँख का तारा, दशरथ राम दुलारा । कैकयी सुमित्रा का है तु सबसे प्यारा आजा-2 मेरे राम दुलारा ।। उर में तेरा भरत का वासा, संग में रहते लक्ष्मण न्यारा । शत्रुघ्न है तेरा सबसे प्यारा । आजा-2 मेरे राम दुलारा ।। हनुमान है तेरा भक्तों में निराला, और जपत रहत राम-नाम का माला ।। आजा-2 मेरे राम दुलारा ।। शक्ति है तेरी सीता मईया । भक्ति है तेरी सबरी मईया ।। आजा-2 मेरे राम दुलारा ।। प्रेम निश्चल है भक्... »

पत्थर को पूजते-पूजते थक गये हम कई वर्षों से ।

पत्थर को पूजते-पूजते थक गये हम कई वर्षों से । पर क्या खाक मिला हमें, तुझसे ओ बेवफा मुहब्बत करने से ।। पत्थर को पूजते-पूजते थक गये हम कई वर्षों से । उनको मुहब्बत मिले जहां मे, जो तेरे हुश्न गुलाम हो ।। हम तो सिर्फ दिल-ही-दिल में चाहें, क्योंकि तु न बदनाम हो । पत्थर को पूजते-पूजते थक गये हम कई वर्षों से ।। तु मेहरबां जो मुझसे होते, बदनसीब हम न होते । कट जाती यूँही जिन्दगानी खुशियों से, हम दुःखी ना ह... »

अपनी अदा देखाकर हुश्न के बाजार में मेरा भाव लगाया तुमने।

अपनी अदा देखाकर हुश्न के बाजार में मेरा भाव लगाया तुमने। मिल गया कोई रईसजादा तो इस मुफलिस गरीब को ठुकराया तुमने।। मेरी मुफलिसी का औकात दिखाया तुमने । रईसों के महफिल में मेरा मजाक उड़ाया तुमने ।। मेरी मुफलिसी का औकात दिखाया तुमने । पत्थऱ समझके ठुकराया तुमने। खिलौना समझके खेला तुमने।। मेरी मुफलिसी का औकात दिखाया तुमने। वफा के हर मोड़ पर बेवफाई निभाई तुमने। अपनी निगाहों का सहारा देकर, गैरों को निगाहो... »

नये लोग, नयी शहर, नयी जहां मुबारक हो तुम्हें ।

नये लोग, नयी शहर, नयी जहां मुबारक हो तुम्हें । जहां की सारी खुशियाँ झुके तेरे कदम,ये दुआ है मेरे ।। नये लोग, नयी शहर, नयी जहां मुबारक हो तुम्हें ।।1।। लगे तेरे नसीब की हर एक बला हमें, मााँगु रब से यही दुआ मैं । न आये तेरे नसीब में वो घडी कभी, जो तुझे मेरी जरूरत पडे ।। नये लोग, नयी शहर, नयी जहां मुबारक हो तुम्हें ।।2।। जिये जहाँ में तु जहां के साथ मुस्कुरा के सदा । न छूटे तेरे लबों की हँसी वो कभी ।... »

जय जय जय जय जय श्री राम

जय जय जय जय जय श्री राम मर्यादा के दुसरे नाम, जय जय…. वन वासी भये तज के राज इस जीवन के तुम कृपा निधान जय जय…. मानवता के सूत्र पिरोये, तुम शौर्य, तेज, सूरज के वंशज इस जग में तुम काल अजय हो तुम्हरे नाम में चारों धाम, जय जय …. धर्मात्मा तुम अधर्मि नाशक, सर्वश्रेष्ठ,तुम मानव के नायक, हर सुख का बस एक ही नाम जय जय…. ~अजित सोनपाल »

जय जय जय जय जय श्री राम

जय जय जय जय जय श्री राम मर्यादा के दुसरे नाम, जय जय…. वन वासी भये तज के राज इस जीवन के तुम कृपा निधान जय जय…. मानवता के सूत्र पिरोये, तुम शौर्य, तेज, सूरज के वंशज इस जग में तुम काल अजय हो तुम्हरे नाम में चारों धाम, जय जय …. धर्मात्मा तुम अधर्मि नाशक, सर्वश्रेष्ठ,तुम मानव के नायक, हर सुख का बस एक ही नाम जय जय…. ~अजित सोनपाल »

हम दीन-दुःखी, निर्बल, असहाय, प्रभु! माया के अधीन है ।।

हम दीन-दुखी, निर्बल, असहाय, प्रभु माया के अधीन है । प्रभु तुम दीनदयाल, दीनानाथ, दुखभंजन आदि प्रभु तेरो नाम है । हम माया के दासी, लोभी, भिखारी, दुर्जन, दुष्ट, विकारी प्रभु पापी है । प्रभु तुम माया के स्वामी, दाता-विधाता, निर्गुण,निर्विकार, सनातन पुरूष महान हो ।।1।। हम इन्द्रियों के दासी, भोगी-विलासी, कामी, आताताई,अग्यानी, दुष्ट मानव है। प्रभु तुम जितेन्द्रिय,गुणों के स्वामी,बुद्धिमान, सकल जगत के स्... »

मेरे अल्फाज अब कहाँ रहें, ये तो तेरी मुहब्बत की जहागीर हुई ।

मेरे अल्फाज अब कहाँ रहें, ये तो तेरी मुहब्बत की जहागीर हुई । ये तो तेरे हुश्न-शबाब में खोया है, तेरी मुहब्बत में ये कुछ कहता है । ये मेरे अल्फाज़ रहे अब कहाँ, ये तो तेरी हुश्न की जहागीर हुई । तेरे दर्द को समझे तेरे हँसने पे ही कुछ कहें ये तो तेरी जहागीर हुई ।।1।। मेरे अश्क अब बहते कहाँ ये तो सागर की लहरों में गुम हुई । ऊँची तरंगे, लहर-तुफानी, चक्रवात-बवंडर सी बनी जिन्दगानी हमारी । तुझसे मुहब्बत क्... »

बीच भवर मैं तुने छोड़ा साथ हमारा ।

बीच भवर मैं तुने छोड़ा साथ हमारा । कभी याद आया कभी दिल को दुखाया । ओ जाना-2 कहाँ खोया-खोया जरा तो बताना । बीच भवर मैं तुने छोड़ा साथ हमारा ।।1।। वफा की रंगी दुनिया में रंगा था हमारा घर-आँगन । अब सावन की झुला भी तेरे बिन लगे है सुना-सुना । अब तो जा झलक दिखा जा कहाँ है खोया-खोया । बीच भवर मैं तुने छोड़ा साथ हमारा ।। 2। । न मैं माँगु तुझसे अब कोई वो कसमें पुराना । तुम तो मुझे भुल चुकी पर मैं क्यूँ मज... »

मैं जानता नहीं हूँ

मैं जानता नहीं हूँ, तु कौन है तु मेरा ? किसी राह पे मिली मंजिल है या तुम कोई किनारा । मगर दिल इतना मेरा अब टूटा किसी पे एख्तियार रहा ना मेरा । ये सदियों से किसी राह पे भटका मन है, ये माने कैसे कोई मेरा भी आज हमसफर है ? मैं जानता नहीं हूँ, तु कौन है तु मेरा ।।1।। जग में भीड़ बहुत है, पर तन्हा सब नर है । प्रेमी प्रेमवियोग में रम है, दुखियाँ दुःखों से तंग है । सुख भी कहाँ रहती नरों के संग सबदिन है । ... »

तेरे संग मैंने ख्याब जो देखे

तेरे संग मैंने ख्याब जो देखे वो ख्याब नहीं जिन्दगी है मेरी । ख्याब के सहारे कटते नहीं दिन, रात भी है बोझिल दिन भी है सुना । भूले है सपने, फूटी किस्मत, टूटे है रिश्ते, बिखड़े सहारे । तेरे……. ।।1।। आ देख जरा तुम इन वादियों को, लगते है रिश्ते अपने सदियों पुराने । मगर तुम न जाने मुश्किल हमारी, राहें कठिन है, चलना तेरे संग है । तेरे संग ही जिन्दगी, मौत से डर नहीं, रहनुमा तेरा प्यार है । तेर... »

बाबुल की दुआ है साथ तेरे, आशीष है मां का पास तेरे ।

बाबुल की दुआ है साथ तेरे, आशीष है मां का पास तेरे । दुनिया की न लगे बला तुझे , ईश्वर की रहमत साथ तेरे ।। जा-जा री बहना प्रातःबेला है संग तेरे -2 छाँव-छाँव में बीते जिन्दगी तेरी, चुँभे न काँटे तेरे किस्मत । हर दुखःतकलीफ हर ले ईश्वर तेरी, ईश्वर की साया है साथ तेरे ।। जा-जा री बहना गरीबी न झाँके तेरे दर पे कभी-2 तु दीन-दुःखी के स्वामिनि बने, तेरे दर पे लगे संतों की जमघट । तेरे घर में सदा हो रामकथा , ... »

मुझसे ये हाल दिल का (गीत)

मुझसे ये हाल दिल का कहीं कहा नहीं जाता है । पास तुम होते मगर तुमको ये बताया नहीं जाता है । जानता हूँ कि तुझे प्यार है मुझसे बेपनाहं सनम । ये तुमसे भी बयां नहीं किया जाता है ।। तपड़ते है ये दिल तुझसे बिछु़ड़के । रात कटती है तारे गिन-गिन के । सुबह होती है नई आश लेके । तेरे बैगैर जिये न जिन्दगी यहीं ख्याल रहता है ।। दुनिया में एक तेरे सिवा कुछ भाता नहीं । जहां की सारी खुशियाँ तेरे बेगैर अधुरी-सी लगती... »

आया राखी का पावन त्योहार भैया

आया राखी का पावन त्योहार भैया। तुझको पुकारे बहना का प्यार भैया।। फूल अक्षत चंदन से मैं थाली सजाई। मेवा मधुर और घी की ज्योति जगाई।। आंगन में अहिपन बनाई दो-चार भैया। आजा, तुझको पुकारे बहना का प्यार भैया।। आया राखी का पावन त्योहार भैया……।। सब मंगल भरे हैं इन धागों में यार। ना मामूली है इसमें बहना का प्यार। दिल से दिल का ये है आधार भैया। जरा सुन ले ‘विनयचंद ‘ पुकार भैया। आजा, त... »

बारिश

मन किसी सूखी नदी सा हो रहा आप कहती हो कि बारिश आ गई, जो ये छींटे पड़ रहे हैं उनसे बस एक सूनापन सा मन में गड रहा, कब तलक यूँ ही घिरेगा आसमाँ बूंदाबांदी ही रहेगी प्यार की, कब तलक बिछुड़े रहेंगे आप हम कब तलक बरसेगा खुलकर आसमाँ, —————- Dr. सतीश पांडेय »

आत्महत्या न कर

आत्महत्या न कर जिन्दगी को बचा, कोई दुख तेरे जीवन ज्यादा नहीं। देख चारों तरफ जो घटित हो रहा ढूंढ खुशियां उसी में, दुखों को नहीं। दुःख तो आते रहेंगे जाते रहेंगे। तेरा आना न होगा दुबारा यहां। रूठ जाये भले तुझसे संसार यह, पर स्वयं से कभी रूठ जाना नहीं। भोग ले सारे संसार के सुख व दुख पर दुखों स्वयं को डराना नहीं। आस मत रख किसी से जी बिंदास बन अपने जीवन ऐसे डुबाना नहीं। और बुझदिल न बन कर ले संघर्ष तू आत... »

जुदाई का दर्द

जुदाई का दर्द कांटों से ही प्रेम हो गया ,कलियां दिल में चुभती है दर्द भारी यादों में तेरी मेरी अखियां जगती हैं ज्यादा जुल्म किया फूलों ने कांटे बस बदनाम हुए जो चुभते रहते थे वो ही जख्मी दिल के बाम हुए। अपने हुए पराए जैसे जो इस दिल में रहते थे बने गैर मेरे अपनों से, जिनको दुश्मन कहते थे उर में गहरा घाव हुआ है पीर नहीं रोका जाता बाढ़ असीमित है दृग में ये नीर नहीं रोका जाता एक नहीं सौ बार तुम्हारी या... »

Hariyali teej

Har ang hai jaise khila khila … Jabse piya tera pyar mila .. Khud mai he simte ,khud mai he khoye .. Jaise Chanda ki baho mai chandni hai soye .. Rup nikharu ..khud ko sawaru .. Aaja piya tere raah niharu .. Bechain hai din simatne ko Tere baho mai… Nigahe kab se tike hai Tere raho Mai …. Aaja ab to sawan aaya … Pyar bhara mosam hai laya . »

मौसम सुहाना सावन का

मौसम सुहाना सावन का आया, संग अपने उत्सवों का पिटारा लाया ठंडी ठंडी ये बहती पवन, बागों में खिले हैं कितने सुमन आए जब बरखा की फुहार, पिया भी करे हैं मनुहार अंगना में भीगे मेरी धानी चुनर, पिया को भाएं मेरे सारे हुनर गीत लिखूं या खिलाऊं मैं खाना, वो हंस के बोलें एक और तो लाना सखियां सारी दिखाएं मेहंदी वाले हाथ, मां गौरी से मांगू मैं सदा “उनका”साथ »

स्वतंत्रता दिवस (Independence day

ले के तिरंगा नारा लगाया, जय जवान जय किसान। देश के ख़ातिर मरना सिखाया, वाह रे वीर इन्सान।। पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण में आज़ादी के डंका बाजे। धरती से लिपटा तिरंगा तीन रंग में देखो कैसे साजे।। कई वर्षों बाद माँ का सपना आज हो गया साकार । तभी तो मनाया स्वतंत्रता दिवस भारत में पहली बार।। »

….. तभी तो (Independence day)

हिमालय से गंगा के मिलन ,यही तो देश की पहचान है। तभी तो हम सब, गर्व से कहते हैं मेरा भारत महान है।। शास्त्री गोखले मौलाना राजेन्द्र, सभी देश के शान है। तभी तो हजारों वीर, हिन्दुस्तान पे आज भी कुर्बान है।। सरोजनी लक्ष्मी उषा इंदिरा, सभी आर्यावर्त के वरदान है। तभी तो धरती माँ को, अपने वीरांगनाओ पे अभिमान है।। जो कर गुजर गए उन पर ही, आज भारत मेहरबान है। तभी तो हम उन क्रान्तिकारियों के आज भी कदरदान है।... »

गीत

रिमझिम बरसे सावन सजना। झूले लगे हैं मोरे अंगना।। सब सखियों के आए सजना। क्यों है सूना मेरा अंगना।। आजा अंगना के भाग जगा दे। बमल मोहे झूला झूला दे़……बलम मोहे झूला झूलादे।। लहगा चुनरी ले के आऊँ। हरी चुड़ियाँ साथ में लाऊँ।। हाथों में मेंहदी लगा के रखना। सनम आऊँगा मैं तेरे अंगना।। सारे लाज शरम तू भगा दे…. सनम मोहे झूला झूला दे।। »

राखी बंधन

अब के बरस भैया पीहर ना आऊं, बांधन को राखी तोय रे रस्ते में बैरी कोरोना खड़ा है, नजर वो रखे है मोए पे डाक से भेजी है भैया को राखी, भतीजी से लियो बंधवाए रे अगले बरस बैरी कोरोना का अंत होगा, फिर बांधूंगी राखी ,तोए आए के »

झूला लगाय दऽ पिया मोर अंगनमा में

रिमझिम बरसे फुहार देखऽ सवनमा में। झूला लगाय दऽ पिया मोर अंगनमा में।। हरियर चुनरी हरियर चोलिया हरियर हरियर पहिरनी चूड़िया कलईया में। हथवा में मेंहदी रचैली सनम नाम ले ले के तोहरे पियाजी बलईया में।। गोरवा के पायलिया बोले झनाझन सवनमा में। झूला लगाय दऽ पिया मोर अंगनमा में।। »

सावन

चला शावर है अंबर से भिगोने धरती का आंगन खिला हर पात डाली का बही गंगधार भी कलकल करे कलरव हर पंछी चली है नाव कागज की समेटे ख्वाहिशें मन भर हुआ है बालमन उच्छृंखल खिला हर पात डाली का बही गंगधार भी कलकल बड़ी गूंजें जय भोले की बुझी चिंगारी शोले की डले झूले भी सावन के हुआ गौरी का मन चंचल खिला हर पात डाली का बही गंगधार भी कलकल कहीं पायल बुलाती है मिलन की राह दिखाती है कहीं चूड़ी के शिकवे हैं हुई हर आस जो ... »

स्वप्न में ही

हमारी ओर से शुभरात्रि कह देना उन्हें कविता, साथ ही यह भी कह देना कि सपने में चले आना। कहीं पर बैठ करके प्यार की दो बात कर लेंगे। जागते में हमें संसार मिलने ही नहीं देगा। इसलिए स्वप्न में ही प्यार की दो बात कर लेंगे। —डॉ0 सतीश पाण्डेय, चम्पावत। »

बूंद बूंद बूंदें।

बूंद बूंद बूंदें बूंद बूंद बूंदें बूंद बूंद बरसती है , आंखों से मेरी । तूने क्यों की रुसवाई , जज्बातों से मेरे। बूंद बूंद बूंदें बूंद बूंद बूंदें तू धूप सा चुभता रहा, मैं बर्फ सी पिंघलती रही। तू गाज सा गिरा मुझ पर , मैं सब्र सी सहती गई। नैना ये तरसते हैं, यादों में तेरी। कितनी नींद गवाही , यादों में तेरी । बूंद बूंद बूंदें बूंद बूंद बूंदें पागल मनवा ढूंढे तुझको, पर तू तो मिलता नहीं। बेबसी का जाम ह... »

मीत मेरे

सावन की बूंदें मन में हलचल कर रहीं तुम कहाँ हो मीत मेरे आओ ना, मत रहो यूँ दूर मुझसे आओ ना, मैं मनोहर ऋतु में आखें भर रही, बाढ़ मत आने दो मेरे नैन में मत बहाओ आस मेरी, आओ ना, इस भरी बरसात में बेचैन हूँ तुम कहाँ हो मीत मेरे आओ ना, »

मां का सर्मपण

एक बार मां बीमार पड़ी हफ्तों उपवास जब जिद करके मैंने एक निवाला उठाया मेरे हाथ बीच में ही थाम के उसने पूछा दबी आवाज में पापा ने खाना खाया? पापा को आदत है अक्सर थाली में छोड़ने की मां उसे प्रसाद समझ शिद्दत से खा जाती मैंने कभी कभी उनको लड़ते देखा है माँ को मीठी घुडकियां देते देखा है देखा नहीं पापा को कभी मां की थाली से खाते हुए सुनो मैं वादा करती हूं हमारा होगा एक घरौंदा एक थाली एक दर्द एक हंसी और ए... »

देश के वीर जवानों के लिए

🍀🌷🌹🙏नमन् है मेरे देश के वीर सिपाही को 🍀🌹🙏 ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, कोटी कोटी प्रणाम है मेरे देश के वीर सिपाहियों को जो अपनी जान की परवाह किए बिना मेरे देश की जान बचाने के लिए कोई कसर नही छोडंते बारम्बार प्रणाम आपको,,,, 🍀🌸🌷🌹 वीर तुम बढ़े चलो,,,, धीर तुम बढ़े चलो,,,,,🍀🙏 जान है जहान है आपने ये ना देखा कभी ,,, दुश्मनों की नजरे... »

मन की पतंग

मीठे मीठे सपने संजोने दो होता है जो उसे होने दो कल का पता नहीं क्या होगा बाहों में और थोड़ा सोने दो ।……….. जागी है अखियां हम सो गए हैं यादों में उनके हम खो गए हैं रोको ना रस्ता उनकी निगाहों का प्यार के बीज और बोने दो । मीठे मीठे सपने संजोने दो …………. कैसे बुझाए अब दिल की लगी को खिलने से कौन रोके मन की कली को प्यार की राहों में छिप जाए अगर ढूंढना न मुझको और ... »

Dil

Love »

पथ के राही न भटक

=राही पथ से न भटक=योगेश ध्रुव”भीम” ××××××××××××××× अडिग मन राह शांत हो, निश्छल जीवन लेकर चल, चाहे भटके मन: चंचल, जीवन नाथ के तू चल, पथ के राही न भटक ऐसे पथ में तू चल || न डिगा अपना नियत, ऐसे नियति बना कर चल, मिला जीवन सौभाग्य पूर्ण यह, दुर्भाग्य गर्त में न डाल के चल, पथ के राही न भटक, ऐसे पथ में तू चल || लक्ष्य ऐसा अडिग कल्पना , ऐसे मूरत बना के चल, कल्पना की कामयाबी, सकार जीवन लेकर चल,... »

सम्बन्ध

रिश्तों की डोर मे मजबूरियों का यह क्या सिला है, अपनों के बीच यह कैसा नफ़रत का फूल खिला है गुलिस्तां महकता था कभी जिनकी किलकारियों से, खुश्बू बिखरती थी कभी बागीचे की फुलवारियों से सींचता था जो प्यार से उसे बिखरा चमन मिला है, रिश्तों की डोर मे मजबूरियों का यह क्या सिला है सच्ची चाहतों के भंवर मे फंसी यह कैसी जिंदगी है, इन पत्थर दिलो के लिए यह कैसी बंदिगी है मुझको भी क्यों ना बनाया उनसे यह गिला है, रि... »

करुणाकर श्रीराम

दशरथ के घर जन्मे राम पर आनन्द अवध में छाया है। केवल कौशल्या कैकेयी नाहीं हर घर हर नर मंगल गाया है ।। हुआ विवाह राम का जब से घर-घर मधुर सुमंगल छाया है। वनवासी हो गए राम जी हर जन मन घबराया कल्पाया है।। वापस आए राम अवध में जगर-मगर जग सब हर्षाया है। ‘विनयचंद ‘उस करुणाकर के करुणा का पद एक गाया है।। »

भजन

प्रभु का नाम जप ले प्राणी। तेरी दो दिन की जिन्दगानी।। एक दिन बीता खाते-पीते। रात भी बीती सोते-सोते।। नया सबेरा पाकर भैया क्यों करता रे आनाकानी।। तेरी़़़़ दिन दुपहरिया साँझ बीतते ना देर लगेगी भैया। धन दौलत कुछ काम न आवे नाहीं बापू मैया।। ‘विनयचंद ‘हर सांस से गाओ राम नाम निर्वाणी।। तेरी दो़़़़़़ »

हे कान्हा! मैं तेरी जोगन

हे कान्हा ! मैं तेरी जोगन जोग ना छूटत मेरो ……………….. रोम-रोम में बसत है तेरो प्रेम अनमोल रतन …………………. हे कान्हा ! मैं तेरी जोगन जोग ना छूटत मेरो …………………. माखनचोर चोर तू है चीतचोर बंसी मधुर बजायो …………………. प्रीत में तेरी राधा नाचत ये कैसो रो... »

कल किसने देखा कल आये या ना आये

जीवन संदेश कल किसने देखा कल आये या ना आये आज की तू परवाह कर ले कही यह भी चला न जाये देख दुनिया की हालत अब तो तू संभल जा कहे रही तुझसे जो सरकार वह तू मान जा कल के लिए तू आज घर पर ही रहे जाये कल किसने देखा कल आये या ना आये साफ सफाई हाथ की धुलाई है जीवन आधार कर लो यह सब जो खुद के जीवन से है प्यार निकल कर बाहर तू कोरोना क्यों फैलाये कल किसने देखा कल आये या ना आये वक़्त है देश के लिए कुछ कर गुजरने को बन... »

कोरोना वायरस खाए जाति है

🇮🇳सीतापुरिया अवधी भाषा:-🇮🇳 घर ते निकरई मा जियरा डेराति हई कोरोना वायरस खाए जाति है।😩😩 हरि घंटा हम हाँथ धोइति हन खाना- पीना हम संतुलितई खाईति हन खाँसी आवई मा जियरा डेराति है कोरोना वायरस खाए जाति है। संतरा-निम्बू हम खातई रहिति हन गिलोय घिसि कई हम कात्ता पीति हन तुलसी कि पाती सब दिनु भरि चबाति हई कोरोना वायरस खाए जाति है। दूरई ते सब ते नमस्ते करिति हन हाथ हम कोई ते नाई मिलाइति हन मुँह का अपने हम ढाक... »

तोहरे प्यार में

तोहरे प्यार में होखे दीवानी बड़ा नीमन लागेले कवने जतन से तोहका मनावे कुछ ना समझ में आवेले »

अपमान

अपमान करें कोई तेरा सम्मान उसे ही तुम देना जो कोई बुराई तेरी करें बदला ना बुराई से लेना गीता मैं यही और रामायण मैं और धर्म सभी यह कहते है जो त्यागी है वह त्याग करें हंस हंस कर सौ दुख सहते है त्याग का दीप जले मन मैं पल एक नहीं बुझने देना जो कोई बुराई तेरी करें बदला ना बुराई से लेना जो प्रभु ने दिया ने दिया संतोष लेकर कुछ और मिले यह लोभ ना कर लोभ का दीप जले मन मे पल एक नहीं जलने देना जो कोई बुराई ते... »

कल किसने देखा कल आये या ना आये

कल किसने देखा कल आये या ना आये आज की तू परवाह कर ले कही यह भी चला ना जाये देख परायी चुपड़ी तेरा मन क्यों ललचा जाय पास तेरे जो है तू उससे मन को समजाये रुखा सूखा जो कुछ है कही वह भी छूट ना जाए कल किसने देखा कल आये या ना आये आज तेरा है जो वह कल था और किसी का आने वाले कल मैं वह होगा और किसी का फिर उस जगह पर अपना हक़ क्यों जताये कल किसने देखा कल आये या ना आये करम किये जो तूने उसका फल भी यही मिलेगा आज नही... »

कभी-कभी

कभी कभी तो वक्त मिलता है हमें अपने ज़ज्बात बयां करने का बाकी फुर्सत कहां होती है हमें उनकी यादों से। »

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