दर्द इतना है कि कराह रहा हूँ ।
जतन खूब किए मगर हार रहा हूँ ।
गम करना था अपने हालातों पर मुझे ।
मगर मेरी जुर्रत तो देखो, मुस्कुरा रहा हूँ ।।
दर्द इतना है कि कराह रहा हूँ ।
जतन खूब किए मगर हार रहा हूँ ।
गम करना था अपने हालातों पर मुझे ।
मगर मेरी जुर्रत तो देखो, मुस्कुरा रहा हूँ ।।