साँसें अपनी रोक कर तुझे छूने की तमन्ना,
और हल्का सा छू कर ख़ुशी ख़ुशी वापस लौट आना
जैसे की सारा जहाँ जीत लिया हो,
इसी को कबड्डी कहते है…..??
कभी कभी खेल कूद भी लिया करो,
मोहब्बत के मरीजों…………??
साँसें अपनी रोक कर तुझे छूने की तमन्ना,
और हल्का सा छू कर ख़ुशी ख़ुशी वापस लौट आना
जैसे की सारा जहाँ जीत लिया हो,
इसी को कबड्डी कहते है…..??
कभी कभी खेल कूद भी लिया करो,
मोहब्बत के मरीजों…………??