12 Comments

  1. आपकी अद्वितीय क्षमता की द्योतक़ हैं ये पंक्तियाँ। बहुत ही सुंदर तरीके से वस्त्रों का मानवीकरण किया है आपने। जितनी तारीफ की जाए कम है। keep it up

    1. धन्यवाद सर, बहुत अच्छी समीक्षा की है आपने । मुझे लेखन के लिए प्रेरणा मिलती है आपकी समीक्षा और कविता की सुंदर सराहना से। सादर अभिवादन सतीश जी

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