दर्द को छुपा कर जीना मेरी आदत सी हो गई है
भीगी आँखों के साथ मुस्कुराना मेरी आदत सी हो गई है
मर चुके है जजबात मेरे दिल के
फिर भी टूटी ऊमिदों के साथ जीना मेरी आदत सी हो गई है
दर्द को छुपा कर जीना मेरी आदत सी हो गई है
भीगी आँखों के साथ मुस्कुराना मेरी आदत सी हो गई है
मर चुके है जजबात मेरे दिल के
फिर भी टूटी ऊमिदों के साथ जीना मेरी आदत सी हो गई है