Author: 0140 muskan lalwani

  • बरसात की बूंदों में कुछ और है

    बरसात की बूंदों में कुछ और है
    आसमान की हंसी में कुछ और है
    जब तक तू मेरे साथ होती है
    तो बरसात का वह जादू कुछ और है

    आँखों में झलकती है तेरी मुसकान
    दिल में बसता है तेरा ख्याल
    जब तू मेरे पास होती है
    तो बारिश का वह सुकून कुछ और है

    बिखरे बालों में बहके बूंदें
    शरमाते गाल पर लगते हैं चुम्बन
    जब तू मेरे साथ होती है
    तो बरसात का वह सफर कुछ और है

    ये बारिश, ये मौसम, ये प्यार
    तेरे बिना कुछ भी नहीं है
    क्योंकि जब तू मेरे पास होती है
    तो बरसात का वह मज़ा कुछ और है

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