तो कहा आज घूम हूं साए के खुदसे मैं चुप्ता क्यु घुम हू मैं ये झूठी लकीरें लेकर चल रहा बेफिजूल की जिंदगी जी राह भाग क्यों रहा हूं मैं उस शख्स से उस वक्त […]