Author: आजीज शेख

  • ये दिल हर एक पे निसार मत करना

    ये दिल हर एक पे निसार मत करना ,

    क्या खबर किस जगह
    पे रुक जाये सास
    उसका एतबार मत करना

    आईने की नज़र न लग जाये इस तरह से श्रृंगार मत करना
    ……..@आजीज शेख…।

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