Author: Akshatha

  • आदत

    तुम्हारी मुस्कान जब बनी मेरी आदत..
    तुम बने मेरी क़यामत तक की इबादत..
    यादों की लहरें जब बनीं मेरा सहारा..
    डूबती रही जान, दूर हुआ किनारा..

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