Author: Alok Kumar

  • मेरा खामोश घर

    दीवारों के भी कान होते है,
    लोग कहते हैं
    लेकिन मेरी चीखें क्यों सुन नहीं पाता है
    मेरा खामोश घर

  • आज कहूँ

    छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ
    आज कहूँ ?
    क्या यह सही नहीं की औरों की सुनता मैं मौन रहूँ ?

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