आधुनिकता के दौर में, कितने आगे हम निकल चुके, भवनों के; निर्माण के लिए खेतों में अब प्लॉट कटे। आधुनिकता के दौर में कुएँ, पोखर सब सुख गए, चहकते थे; मुंडेर पर पँक्षी अब वो […]