लौट कर आयें है हम सावन पर सावन के महीने में घटायें हो घनघोर बरस रही हैं शुष्क धरा पर दे रहीं है जन्म हरित काया को सावन के महीने में हम भीं दे कुछ […]

बेटी का हर रुप सुहाना, प्यार भरे हृदय का, ना कोई ठिकाना, ना कोई ठिकाना।। ममता का आँचल ओढे, हर रुप में पाया, नया तराना, नया तराना।। जीवन की हर कठिनाई को, हसते-हसते सह जाना, […]