वह पन्नों को पलटाके फिर एक बार देखा, जो सच्चाई से वाक़िफ न हुई थी। अश्क के उन अक्षरों को पढ़ा, जिन्हें तस्सली फिकी मुस्कान से मिली थी। कसमों से भरी दास्तां बयां करती उस […]