रात भर करवटें मैं बदलता रहा अँधेरो में खुद को छलता रहा टूटा नहीं जमाने की चोट से साँसों की तपिश से पिघलता रहा ताल्लुक नहीं था जिनसे मेरा उनको भी ताउम्र सहता रहा दिल […]