Author: Anshuman_ Mishra

  • प्रकृति

    प्रकृति की गोद में जन्म लेता जीवन,
    सौंदर्य से रंचित यह नगरी का आदान।
    पुष्पों की छांव में होती शांति,
    हरियाली से भरा, मन को सुखद समान।

    मछलियाँ तरंगों पर नाचती झूलती,
    नदियों के संगम में रंग बिखेरती।
    समुद्र के किनारे खेलती हंसती,
    प्रकृति की गोद में संगीत बहुमूल्य लियेरती।

    पवन की पवित्र सुरीली आवाज़,
    धरती को गुदगुदाती, सुखद आहट।
    पंछियों के नाच में रंग खिलाती,
    मन को आनंद से भरी जादूगरी बात।

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