बिन कहे क्या तुम समझ जाओगे समझने कि तकलीफ उठा पाओगे या फिर पूछने पर वही थम जाओगे सर उठाकर ना कह पाओगे स्याही के फैलने पर क्या चिड़ जाओगे कुछ टूटने पर उसे समेट […]