Author: Arhaan

  • भगवान

    भगवान

    यह डगर है अनजान ,सफर भी लम्बा बड़ा,

    गंतव्य की खोज में, तू यहाँ अकेला खड़ा

    पीछे हैं तिमिर के बादल ,आगे संसार पड़ा ,

    रुक न पलभर को राही , हिम्मत के कदम बड़ा ई

    विजन हैं राहें तेरी , कोई न तेरे संग है

    तूफ़ान में तेरी कश्ती  है , तू ही  साहिल  की  तरंग  है

    न दर अगर कठिन राह हो , राही तू मलंग है

    तू ही जाएं का रंगसाज़ है, तू ही कुदरत  का रंग  है

    मंज़िल तेरी एक है , लेकिन एक पथ है

    सिर्फ एक सही राह है , बाकी सब विपथ है,

    उस राह को न छोड़ तू , वाही राह विजयपथ है

    हिम्मत न हार राही , हिम्मत ही तेरा रथ है

    पलभर की अँधेरी रात है , फिर दिवस महान है,

    क्षितिज की गोद से निकलता , एक नया आहाँ  है

    एक नई रौशनी के लिए लिए, तेरा आज कुर्बान है ,

    न रुक  अगर दीवारें  हो खड़ी  , तू एक बड़ी  चट्टान   है

    शिखर  की ओर  बड़  चले कदम , अब उन्हें न थाम दे,

    मंज़िल  तेरी  पास  है  , अब  न सफर  को  विराम  दे ई

    हौंसलों की दीवार हिल पड़े , पलभर को न आराम दे ,

    भूल जा सारे दुःख  अपने , अपने दर्द को ख़ुशी का नाम दे

    शिखर पर खड़ा तू, लहराता विजयध्वज विशाल है,

    अम्बर से बरस रहा है अमृत , मिट रहा अकाल है ,

    तेरी मंज़िल चरणों में है , लेकिन  विजयपथ लहू से लाल है ,

    आरम्भ है नए संसार का, मगर तेरा अंतकाल है

    हर नए ज़माने को जनम कुछ मस्ताने दे जाते हैं,

    उनके बलिदान , उनके कर्म ही अफ़साने लिख  जाते हैं

    कुछ नहीं ले जाते जहां से , सभी को जीवनदान दे जाते हैं ,

    इन्हीं वीरों को याद करते हैं , जिन्हे हम भगवान बुलाते हैं

New Report

Close