काश,कश लेते ही धुँआ हो गया जानेमन सोचते ही रह गए किस सोच में जानेमन तुमने तो पल में बोझा फेक दिया उलझनों से सुलह न हुई सुलझे कहा तुम जानेमन काश,कश लेते ही धुँआ […]
काश,कश लेते ही धुँआ हो गया जानेमन सोचते ही रह गए किस सोच में जानेमन तुमने तो पल में बोझा फेक दिया उलझनों से सुलह न हुई सुलझे कहा तुम जानेमन काश,कश लेते ही धुँआ […]
लोग कहते हैं उनसे कोई काम न हुआ थोड़ा जो कुछ हुआ काम बस नाम का हुआ यू तो मुझको ऐतबार था उस पर कभी मगर फिर कुछ यूं हुआ कि वह ऐतबार ना हुआ […]
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