Author: Ashish Jain

  • दिल के इरादे

    मुश्किलें दिल के इरादे आजमाती हैं,

    स्वप्न के परदे निगाहों से हटाती हैं,

    हौसला मत हार गिर कर ओ मुसाफिर,

    ठोकरें इन्सान को चलना सिखाती हैं |

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