जीवन जीना एक कला है प्रतिपल एक रंगोली है गर मानवता है दिल में तो प्रात-रात नित होली है ।। वसुधा अंबर में संगम का माध्यम दिनकर होता है तिल होता है चन्दा में भी […]

मन मन्दिर में जिसकी मूरत उसको दुनिया कहती माँ है माँ ममता की सच्ची मूरत जग में दुख को सहती माँ है ।। पुत्र नही तो दुख का मंजर पुत्र प्राप्ति पर भी दुख ऊपर […]