Author: Anurag Kumar Swami

  • फर्क सिर्फ इतना थ

    उसने बन्दूक उठाई , मैंने कलम
    उसने गोली चुनी , मैंने शब्द
    उसने खून बहाया , मैंने आंसूं
    उसने घर जलाये , मैंने दिल
    उसने दीपक बुझाया , मैंने उसे जलाया
    उसने लोगों को सुलाया , मैंने लोगों को जगाया
    वो बदनाम हुआ , मेरा नाम हुआ
    वो कैद हुआ , मैं आज़ाद हुआ
    उसे फांसी मिली , मुझे फांस
    हम दोनों एक ही तो थे
    बस उसने बन्दूक उठाई मैंने कलम।

New Report

Close