Author: AYESHA 3043

  • ऐसा कोई

    जो मेरी आज़माइश नहीं,
    मेरी ख्वाइश पूरी करें,
    ऐसे किसी की चाहत है मुझे।
    जो मेरा साथ नहीं,
    बस मेरा थोड़ा वक्त मांगे,
    ऐसे किसी की ख्वाइश है मुझे।
    आखों में जिसकी गहराई,
    और बातों में जिसकी मासूमियत हो,
    ऐसे किसी से मुखातिब होने की ललक हैं मुझे।
    जो ना हो बेशक खुद मुकम्मल हर लिहाज़ से ,
    पर जिसकी शिरकत से मैं और मेरी ज़िंदगी मुकम्मल हो जाएं,
    ऐसे किसी की तलाश है मुझे।
    जिसकी ना घूमें ज़िंदगी बस चारो ओर मेरे,
    पर अधूरी हो जिसकी ज़िंदगी बिन मेरे,
    ऐसे किसी को पाने की चाहत हैं मुझे।
    जो सिर्फ अश्क देख मेरे ये बतादें,
    कि मेरे नयन से ये बरसात ग़म की हैं या खुशी की,
    ऐसे किसी की ख्वाइश हैं मुझे।
    जिसका ना हो बंधन मुझ पर कोई,
    पर जिसकी बाहों में मिले दुनिया जहां का सुकून मुझे,
    ऐसे किसी अनजाने फरिश्ते के मेरी ज़िंदगी में आने का इंतज़ार हैं मुझे ।
    जो चांद – तारे तोड़कर लाने की बात न करें मुझसे,
    पर जिसे पसंद हो उन चांद तारो के नीच बैठ कर बात करना मुझसे,
    ऐसे किसी या यूं कहूं अपने जैसे ही किसी कमअक्ल के मेरे ज़िंदगी में आगमन के ख्यालों में हूं मैं।
    जिनकी तकलीफ़ से मुझे तकलीफ़ हो,
    जिनकी खुशी से मुझे खुशी,
    ऐसे तो बहुत लोग हैं मेरी ज़िंदगी में,
    पर जिसे मेरी तकलीफ़ से तकलीफ़ हो,
    मेरी खुशी से खुशी ,
    ऐसे किसी की तमन्ना है मुझे।
    जानती हु थोड़ी स्वार्थी हो रही हूं मैं,
    सिर्फ अपने बारे में सोच कर ही नामुमकिन है जिन ख्वाबों का पूरा होना ,
    उन्ही ख्वाबों का आशियाना बुन रही हूं मैं।
    पर क्या करू दुनिया के हर एक शख्स के खयालातों को अपने लव्ज़ों के ज़रिए बया करने की,
    बस कोशिश ही तो कर रही हूं मैं।

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