सुना है तितलियाँ छेंडती हैं उनको,
अब बदन बहार सा है तो भरम तो होगा ही..!
Chandani
Author: Chandani yadav
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बहार
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बहार
बदन बहार सा लिए फिरते हो,
तितलियों को भरम तो होगा ही..!
Chandani -
प्रेम
लग गईं ना नमक के डिब्बों मे चीटियाँ
तुमसे कहा था ना कि कुछ छुआ ना करो😍😝 -
दर्द
बेवफा जमाने को गर कहें तो कहें कैसे?
हम तो खुद के भी नही रहे हमेशा के लिए…!!!
-#चाँदनी -
आँचल
सर पर आँचल तो लाजमीं है न..!!
जमीन-ए-हिन्द से जो हूँ ..!!!😊
@Chandani -
पापा
मेरा बिगडना तो लाजमीं है न? पापा!
तुम साथ कहाँ हो मुझको डाँटनें के लिए??😢😢
@Chandani -
प्रेम
अब तू अपनाए या ठुकराए मर्जी तेरी ,
हम ठहरे मनमौजी मन किया हो लिए तेरे।।
@chandani -
यादें
तेरी बेहिसाब यादें हैं मेरी जागीरें हैं,
मुझसे ज्यादा अमीर कोई होगा क्या।।
@chandani -
दर्द
फिर बेवा आँखे रोईं हैं
कोई ख्वाब जरूर जला होंगा ।।
#चाँदनी -
अहंकार
क्या मिलेगा तुमको हम बेजुबानों से उलझकर ,
इतना ही हौसला है तो खुदा से दो दो हाथ करो ..।।
#chandani -
माँ
मेरी साँसों में उसके आंचल की खुशबू महकती है।
तुम गौर से देखो मुझमें मेरी मां झलकती है।।
Chandani