बादलो की गरज हो या मौसम तूफानी है देश की रक्षा में जाने कितने देते कुर्बानी है दुश्मनों से कह दो आंख न उठे गलती से समुंद्री लहरों पे खड़ा हर शेर हिंदुस्तानी है!

हम प्रेम लुटाये कोई जान न पाए पेट भर के हमारा भूखा सोती है आखिर माँ तो माँ होती है-2 कोई आंच न आये,हम युही मुस्कुराये दुख में दिखे हमे तो छुप के रोती है […]

ख़ुदा अगर नारी न बनाता कोई मर्द यहां वजूद न पाता, हमेशा हो इनके सम्मान से नाता देश की हो ये भाग्य-विधाता! इनपे कोई गन्दी नजर न उठाता अगर हर बार देश इंसाफ दिलाता, कोई […]

मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2 आंख दिखा के न जाये,आंच आने न पाए सर कटाते रहेंगे इसके क़फ़न के लिए मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2 हिन्दू-मुस्लिम हो भाई,क्या सिक्ख क्या ईसाई […]