Author: D.K.bharati MGS

  • भारतीय नौ सेना दिवस

    बादलो की गरज हो या मौसम तूफानी है
    देश की रक्षा में जाने कितने देते कुर्बानी है
    दुश्मनों से कह दो आंख न उठे गलती से
    समुंद्री लहरों पे खड़ा हर शेर हिंदुस्तानी है!

  • आखिर माँ तो माँ होती है

    हम प्रेम लुटाये कोई जान न पाए
    पेट भर के हमारा भूखा सोती है
    आखिर माँ तो माँ होती है-2
    कोई आंच न आये,हम युही मुस्कुराये
    दुख में दिखे हमे तो छुप के रोती है
    आखिर माँ तो माँ होती है-2
    हमको चलना सिखाये पाठ आचरण का पढ़ाये
    ममता के आंचल में हमको संजोती है
    आखिर माँ तो माँ होती है-2
    सपने पूरे हो जाये यही मांगे वो दुवाएं
    हमारी खशियो के खतिर,अपना सब खोती है
    आखिर माँ तो माँ होती है-2
    मुश्किल कितनी भी आये छोड़ के वो न जाये
    छोटी-छोटी खुशियों से घर को पिरोती है
    आखिर माँ तो माँ होती है-2
    ऐसा कर्म कर जाए सलामत माँ को रख पाए
    सबके जीवन की एक ही ज्योति है
    आखिर माँ तो माँ होती है-2
    माँ को शीश झुकाये,सदा जन्नत ही पाए
    वो तो ईश्वर का ही रूप होती है
    आखिर माँ तो माँ होती है-2

  • नारी सम्मान को समर्पित मेरी कविता

    ख़ुदा अगर नारी न बनाता
    कोई मर्द यहां वजूद न पाता,
    हमेशा हो इनके सम्मान से नाता
    देश की हो ये भाग्य-विधाता!
    इनपे कोई गन्दी नजर न उठाता
    अगर हर बार देश इंसाफ दिलाता,
    कोई माँ-बाप आंसू न बाहाता
    कानून तुरंत मौत की सजा सुनाता!
    शिक्षा-सुरक्षा हर नारी को मिल जाता
    सबकी बहन,बेटी या चाहे हो माता,
    खुल के जीने का जब मौसम आता
    हर कोई बेटी होने का जशन मनाता!
    इंसानियत हमे है यही सिखाता
    देखो कौन-कौन है बेटी को बचाता!

  • तिरंगे के दीवाने

    तिरंगे के दीवाने

    मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2
    आंख दिखा के न जाये,आंच आने न पाए
    सर कटाते रहेंगे इसके क़फ़न के लिए
    मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2
    हिन्दू-मुस्लिम हो भाई,क्या सिक्ख क्या ईसाई
    सब मिलके खड़े है इसके जतन के लिए
    मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2
    रंग हरा है हरियाली जैसे फैली खुशहाली
    श्वेत रंग है हमारे अमन के लिए
    मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2
    केसरिया रंग बलिदानी,वीरता की निशानी
    शरहदो पे खड़े है दुश्मन के पतन के लिए
    मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2

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