Author: Deepika

  • ये इश्क है

    कोई दीवाना कहता है हमको, कोई पागल करार देता है
    ये इश्क है महरबान हमपर, हरपल बेशुमार देता है

  • मेरी कविता

    मेरी कविता लफ़्जों को नहीं
    अहसासों को जोड़ती है
    तोड़ती है अकर्मण्य बेड़ियों को
    लोगों को जोड़ती है

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