देवी, Author at Saavan's Posts

”बदलती राजनीति”

बदलते राजनीति से मेरी कलम भी मज़बूर हुईं।। ना चाहते हुए भी मेरे विचारों में शामिल हुई।। राजनीति बदल रही है.. हर आँख में मटक रही है.. सपने सिंहासन के दिखा रही है। सच झुठ की खिचड़ी में.. मसालों का मुआयना कर रही है। राजनीति बदल रही है। हर कोई शामिल है जीत की दौड़ में, सम्भलो ए सिंहासन के महारथी तुम्हारी हर चाल पे नजर रखी है। राजनीति बदल रही है। बदलाव की तस्वीर लिए गली, मोहल्ले घूम रही है। खेल ना खेलो... »

कुंभ

कुंभ कुंभ ये है. कुंभ कुंभ कुंभ. कुंभ कुंभ कुंभ. कुंभ कुंभ कुंभ . कुंम्म्मभ। संगम तट पर प्रयागराज में, ये है कुंभ कुंभ कुंभ. कुंभ कुंभ कुंभ. कुंभ कुंभ कुंभ. कुंम्म्मभ। श्रिवेणी में शाही स्नान. देखता पूरा ब्रह्मांड, अदभूत नज़ारे. भस्म रमाये, भक्तों का ये भव्य रूप. देख भगवन अमृत बरसाए, हर हर महादेव …… ये है भक्तों का… कुंभ कुंभ कुंभ. कुंभ कुंभ कुंभ. कुंभ कुंभ कुंभ. कुंम्म्मभ। ध्वजा... »

माँ मुझे पगडन्डी पे चलना सिखला दो

माँ मुझे पगडन्डी पे चलना सिखला दो, मुझे जीवन का मतलब बतला दो, कहती हो मेरे जिगर का टुकड़ा हो पापा की लाडली हो फिर पराये धन का मतलब समझा दो, माँ मुझे पगडन्डी पे चलना सिखला दो, एक नह़ि दो घरों की रोशनी हूँ कहती हो इस जहाँ कि रचियता हो फिर च़िराग का मतलब समझा दो, माँ मुझे पगडन्डी पे चलना सिखला दो, बेटी,बहना,बहु,दादी,नानी,माँ जाने कितने नाम ह़ै माँ बस मुझे मेरे नाम से अवगत् करा दो, माँ मुझे पगडन्डी पे... »