Devinder Kumar, Author at Saavan's Posts

इज़हार

तुझे जाने की जल्दी थी, और मैं रोक ना सका, काश तू थोड़ा इंतजार कर पाता। तेरे जाने के बाद उतरे, जो बेतहाशा कागज़ पे, काश मैं उन लफ़्ज़ों से अपने इश्क़ का इज़हार कर पाता। ……देवेंद्र »

इज़हार

तुझे जाने की जल्दी थी, और मैं रोक ना सका, काश तू थोड़ा इंतजार कर पाता। तेरे जाने के बाद उतरे, जो बेतहाशा कागज़ पे, काश मैं उन लफ़्ज़ों से अपने इश्क़ का इज़हार कर पाता। »

एक बूंद मुस्कराहट

तुमे शायद पता नहीं, एक दिन चुपके से मैने, चुरा ली थी तुमारे होठों से, एक बूंद मुस्कराहट। कई दिन छुपा के रखता रहा, कभी तकीये के नीचे, तो कभी चांद के पीछे, बहुत चंचल थी वो, कभी चुपके से आ के, बैठ जाती थी मेरे होठों पे, तो कभी चांद के पीछे से मुझे ताकती थी, वो एक बूंद मुस्कराहट। मैं सींचने लगा उस बूंद को, अपनी मुस्कराहट से, ताकी यह बन जाऐ हंसी का एक चश्मा, फिर एक दिन, तुम खो गई, और खो गई मुझसे, वो एक... »