कहाँ खो गई तेरी इन्सानियत ओ इन्सान कहलाने वाले। गन्दी हो गई क्योंकर नीयत ओ इन्सान कहलाने वाले।। हर सुख सुविधा भोजन पानी सुलभ तुम्हारे घर में है। फिर काहे का झगड़ा भैया बोले आज […]

ये वाईरस कैरोना का बना महामारी भयंकर है। दिखे उपाय बचने का स्वच्छ और शुद्ध जो नर है।। रखो सब पे सहानुभूति पर रहना सबसे बचकर है। धोकर हाथ रहना सब मिलाना हाथ ना कोई। […]

शोभे सरोवर राजहंस से बगिया शोभे कोयलिया से। ज्ञानी जन से सभा की शोभा दुनिया शोभे मधुर बोलिया से।।