Dhruv kumar, Author at Saavan's Posts

कैरोना

ये वाईरस कैरोना का बना महामारी भयंकर है। दिखे उपाय बचने का स्वच्छ और शुद्ध जो नर है।। रखो सब पे सहानुभूति पर रहना सबसे बचकर है। धोकर हाथ रहना सब मिलाना हाथ ना कोई। खुद को दूर रख इतना छींकता खाँसता हो कोई।। मिले ना संग औरोँ का तुम्हारी सांस सांसों से। कैरोना दूर भागेगा सकल संसार रासों से।। यही संकल्प है बन्धु। यही विकल्प है बन्धु।। »

शोभा

शोभे सरोवर राजहंस से बगिया शोभे कोयलिया से। ज्ञानी जन से सभा की शोभा दुनिया शोभे मधुर बोलिया से।। »

दिल का भाव

कोई छंद नहीं पदबन्ध नहीं। तुकबंदी का है प्रबंध नहीं दिल के भाव को लिखता हूँ चाहे कवियों को हो पसन्द नहीं।। »

चोट अपनों का

चोट अपनों के फूलों ने जो दिल को दिया, गैर के पत्थरों में वो दम था कहाँ। »

मगन में

चांद बनकर चमकती रहो नित गगन में। देखकर हीं मेरा मन रहेगा मगन में।। »

तुर -ए-नजर

तीर नजरों से तूने जो घायल किया अब खंजर उठाने से क्या फयदा। »

होरी

धूम मची है आज व्रज मेँ बरसाने मेंं थोड़ी। आजा मेरे मोहन प्यारे खेलन हमसे होरी ।। »

होली

आया रंग बिरंगी होली का त्योहार मेरे यारा। आज खुशियों के रंग रंगदार मेरे यारा।। »

होली

आया रंग बिरंगी होली का त्योहार मेरे यारा। आज खुशियों के रंग रंगदार मेरे यारा।। »