Dimpy Aggarwal2011's Posts

अहसास

तुम वो अहसास हो जिसे छू जाये वो संदल सा महक जाये तुम वो इश्क़ हो जिसे हो जाये वो दीवाना हो जाये!! »

मोहब्बत का सफर

यारा! तुझ संग जिंदगी गुजारनी है मोहब्बत में तेरी हर शाम महकानी है, तेरे ही नाम से लहराता है आँचल मेरा तेरी दीवानी बन हर रात महकानी है, बिन तेरे प्यासी हूँ मेरे हमसफ़र प्रेम की गहराई में कश्ती डुबोनी है, दर्द भी मेरे तेरे प्यार में सिमट गए मेरी हर अदा में तेरी ही कहानी है, जिंदगी और जग में सब जायज है”मीता ‘ जमाने से लड़कर मोहब्बत रंगीन बनानी है, किस किस को दूँ तेरे मेरे रिश्ते की दुहाई ... »

पल दो पल

दो पल बैठो पास हमारे ये पल यूँ ही गुजर जाएंगे दो पल का है साथ हमारा ये पल लौट कर ना आएंगे दो पल तुमसे बात तो कर लूँ ये पल पलकों में ही सिमट जाएंगे दो पल के लिए भी तुम ना आए तो ये पल तन्हाई में लिपट जाएंगे दो पल खुशी के धीरे धीरे रे मना साथी ये पल फिर कभी ना मिल पाएंगे।। »

जब बात नहीं होती तुमसे…

जब बात नहीं होती तुमसे शब्द मेरे खो जाते हैं कलम की कूँची टूट जाती कागज उड़ उड़ जाते हैं जो तुम संग लाई थी अपने खुशियां वह खो जाती हैं बिन तेरे भाव मेरे प्यासे निराशा घिर घिर जाती है रिमझिम बारिश सी बरसती सावन की बूंदों सी टपकती मन को चंचल करने वाली ए कविता! तुम कहाँ चली जाती.. जब बात नहीं होती तुमसे… (मेरी कविताएं मेरा प्यार) »

ख्वाब

ख्वाब मेरे बादल जैसे ख्वाहिशें मेरी अंबर सी लम्हा लम्हा यादें गरजे अखियां बही बारिश सी मुसलसल तेरी आस जगाए सावन का यह महीना तुम साथ नहीं हो क्यों मेरे मोहब्बत वही मेरी हवा सी। »

अंतहीन मृगतृष्णा

सूरज के उग्र रूप की तपिश में मैं जल गई नदी में उतरी तो भंवर में बह गई भवर ने फेंका रेत के ढेर में खड़े होकर देखा रेत ही रेत थी चारों ओर दिखाई दी तो सिर्फ मृगतृष्णा उस मरीचिका में फंस गई एक स्वर्ण हिरण को पाने के एहसास तले। »

पूस की रात

शायरों का हुआ गर्म हर लफ़्ज़ इस सर्द पूस की रात के महीने में दिल भी बहका बहका सा लागे इस सर्द पूस की रात के महीने में गुड़ सा मीठा अदरक सा तीखा पूस की रात का यह महीना मैं भी रहूं खोया खोया इश्क में तेरे इस पूस की रात के महीने में »

पूस की रात

फकीर बन तेरे दर पर आया हूं एक मुट्ठी इश्क बक्शीश में दे देना आशिक समझ दर से खाली ना भेजना अमीर हो तुम चंद सांसे उधार दे देना किस्मत की लकीरें हैं जुड़ी तुझ संग ख्वाहिशों से भरी है झोली चंद आरजू दे देना दुआओं में तुमको ही है मांगा सनम कुछ चंद लम्हों का एहसास भर दे देना दिल- ए- मरीज हूं तेरी जुस्तजू का जानां रहमों करम ना सही इश्क- ए- दर्द दे देना पूस की रात में सर्द हवाओं के अलाव में बस एक शाम तुम अप... »