मेरी हर बात को तुम समझ लेना, मेरी इकरार की भाषा तुम जान लेना, मन में उमड़ती लहरों को तुम समेट लेना, मेरे अधरों की प्यास तुम बुझा देना, मेरे गीतों को बस तुम गुनगुनाते […]

क्यों ! मैं बुद्ध जैसी बनूँ….. मैं बुद्ध नही हूँ.. जो चल दिये अपना सारा संसार छोड़कर; मैं एक अदना सी नारी कैसे कह दूं बेटा मेरा नहीं बेटी मेरी नहीं पति मेरा नहीं मां-बाप […]

यारा! तुझ संग जिंदगी गुजारनी है मोहब्बत में तेरी हर शाम महकानी है, तेरे ही नाम से लहराता है आँचल मेरा तेरी दीवानी बन हर रात महकानी है, बिन तेरे प्यासी हूँ मेरे हमसफ़र प्रेम […]

जब बात नहीं होती तुमसे शब्द मेरे खो जाते हैं कलम की कूँची टूट जाती कागज उड़ उड़ जाते हैं जो तुम संग लाई थी अपने खुशियां वह खो जाती हैं बिन तेरे भाव मेरे […]

ख्वाब मेरे बादल जैसे ख्वाहिशें मेरी अंबर सी लम्हा लम्हा यादें गरजे अखियां बही बारिश सी मुसलसल तेरी आस जगाए सावन का यह महीना तुम साथ नहीं हो क्यों मेरे मोहब्बत वही मेरी हवा सी।

सूरज के उग्र रूप की तपिश में मैं जल गई नदी में उतरी तो भंवर में बह गई भवर ने फेंका रेत के ढेर में खड़े होकर देखा रेत ही रेत थी चारों ओर दिखाई […]

शायरों का हुआ गर्म हर लफ़्ज़ इस सर्द पूस की रात के महीने में दिल भी बहका बहका सा लागे इस सर्द पूस की रात के महीने में गुड़ सा मीठा अदरक सा तीखा पूस […]

फकीर बन तेरे दर पर आया हूं एक मुट्ठी इश्क बक्शीश में दे देना आशिक समझ दर से खाली ना भेजना अमीर हो तुम चंद सांसे उधार दे देना किस्मत की लकीरें हैं जुड़ी तुझ […]