तुम्हे मालूम हो … कुछ बाकी सा रह गया है तुम्हारे – मेरे दरम्यान… जिसे मैं बहुत कोशिश करने पर भी शब्द नहीं दे पाता, बस यूँही कभी महसूस कर लिया करता हूँ अकेले में, […]
तुम्हे मालूम हो … कुछ बाकी सा रह गया है तुम्हारे – मेरे दरम्यान… जिसे मैं बहुत कोशिश करने पर भी शब्द नहीं दे पाता, बस यूँही कभी महसूस कर लिया करता हूँ अकेले में, […]
यूँ तो है बेताब और भी कई, आशिक कई, तन्हा कई, पर दिल आज भी सिर्फ उसी के लिए बेकरार है, तो है | बहुत लिखा गया, बहुत पढ़ा गया, कुछ किया भी गया, प्यार, […]
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