हर ओर उम्मीदें हैं, हर ओर सहारा है। हम बदलेंगें दुनिया को, वक्त हमारा है।। थपेड़े सह लेगें, लहरों से लड़ लेंगे। समन्दर हमारा है, साहिल भी हमारा है।। लाख गहरा हो दरिया, पार उसे […]

‪#‎_मेरा_वाड्रफनगर_शहर_अब_बदल_चला_है‬ _______**********************__________ कुछ अजीब सा माहौल हो चला है, मेरा “वाड्रफनगर” अब बदल चला है…. ढूंढता हूँ उन परिंदों को,जो बैठते थे कभी घरों के छज्ज़ो पर शोर शराबे से आशियानाअब उनका उजड़ चला है, […]

मज़हब न जात पात का अब फ़ासला रहे। मैं रहूँ न रहूँ मगर ये काफ़िला रहे।। हिन्दू हो मुस्लिम हो सिख हो ईसाई। सबके बीच प्यार का ये सिलसिला रहे।। करे न गुमान कोई अपनी […]