धरा दुल्हन सी सज गयी है रिम झिम रिम झिम बूँदे जैसे गा रहीं हैं पेड़ पौधे और हरियाली झूम झूम के नाच रहे हैं अम्बर गर्जा बिजली तडकी ढोल नगाड़े से पीट रहे हैं […]