उनसे मिलना कुछ वैसा भी खास ना था वो तो शायद देख रहे थे मुझे किसी खिड़की से मैं तो सिर झुकाये बैठा था किसी कोने में तुझे बिना देखे भी जो बात वैसा उनमें […]