Happy Samadhiya, Author at Saavan's Posts

असफलता

वक़्त के साथ सब कितने बदलने लगे हम वहीं थे वहीं से फिर चलने लगे… हैप्पी »

मंज़िल

ऐ मंज़िल तुझ तक जाने में कई राह छूट गयीं कुछ यारी टूट गयीं मगर लिये उम्मीद चला मैं, लगता है वह सारी रुठ गयीं अभी हूँ अकेला कभी बहुत थे साथ आने में ऐ मंज़िल तुझ तक जाने में….. हैप्पी »