एक टेबल

एक टेबल, चाय का कप, और तुम, एक शाम, वो बेन्च, और तुम एक डोली, मेरा हाथ, और तुम एक घर, चारो धाम, और तुम…

लगता है

लगता है हम बिखर चुके है, अब कोई जोश नही है,रोष नही है, हालातो का होश नही है जब सुनते है वो प्यारी बातें लगता…

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